
नई दिल्ली. देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के संकट की खबरों के बीच इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर देश में ईंधन की कमी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आईओसी के अनुसार, कुछ पेट्रोल पंपों पर देखी गई किल्लत केवल स्थानीय और अस्थायी है, जिसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। इसी आपूर्ति व्यवस्था के बीच, तेल कंपनियों ने पिछले 10 दिनों में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर आम जनता को महंगाई का झटका दिया है।
खबर के मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
- सप्लाई पर स्थिति: देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, पैनिक बाइंग (डर में जरूरत से ज्यादा खरीदना) से बचने की अपील।
- ताजा बढ़ोतरी: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ; 10 दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है।
- मांग में उछाल: पिछले साल के मुकाबले मई में पेट्रोल की बिक्री में 14% और डीजल की बिक्री में 18% की भारी वृद्धि दर्ज की गई।
- किल्लत की वजह: निजी पेट्रोल पंपों के ग्राहकों का सरकारी आउटलेट्स की तरफ रुख करना और कृषि सीजन।
क्यों आई आपूर्ति में रुकावट? आईओसी ने बताए 3 मुख्य कारण:
सरकारी तेल कंपनी आईओसी ने देश के कुछ क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर आई किल्लत के पीछे तीन बड़े कारण बताए हैं:
- फसल कटाई का मौसम: देश के कई राज्यों में इस समय फसलों की कटाई का सीजन चल रहा है। कृषि कार्यों में ट्रैक्टर और अन्य भारी मशीनों के अत्यधिक उपयोग के कारण ग्रामीण इलाकों में डीजल की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
- निजी पंपों के ग्राहकों का सरकारी आउटलेट्स पर आना: निजी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की दरें सरकारी पंपों की तुलना में काफी अधिक हैं। इस कारण उपभोक्ता निजी पंपों को छोड़कर सरकारी पेट्रोल पंपों से तेल खरीद रहे हैं, जिससे वहां अचानक भीड़ बढ़ गई है।
- थोक खरीदारों की रिटेल पंपों पर निर्भरता: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से सीधे थोक (Bulk) में ईंधन खरीदना महंगा हो गया है। इसके चलते बड़े औद्योगिक संस्थान सीधे रिटेल पेट्रोल पंपों पर आकर डीजल खरीद रहे हैं।
ईंधन की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मई महीने के आंकड़ों के अनुसार, देश में ईंधन की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस बार पेट्रोल की बिक्री में 14 फीसदी और डीजल की बिक्री में 18 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंडियन ऑयल के पास देश भर में 42,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का नेटवर्क है। कंपनी का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
आम जनता पर महंगाई की मार: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा
आपूर्ति के दावों के बीच आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ और बढ़ गया है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया है। पिछले 10 दिनों में कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते कीमतों में यह संशोधन करना जरूरी हो गया था।
