
प्रधानमंत्री के 134वें संस्करण के बाद मुख्यमंत्री धामी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल की छात्राओं से किया संवाद
इस खबर की 3 बड़ी बातें (Bullet Points):
- विशेष सहभागिता: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना.
- पीएम का संदेश: कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी से बचाव, पारंपरिक शीतल पेय पदार्थों के उपयोग और आम समेत विभिन्न भारतीय फलों की विशेषताओं पर जोर दिया.
- प्रेरणादायक संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास ही आगे चलकर समाज में बड़े बदलावों का आधार बनते हैं.
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 134वां संस्करण सुना. इसके बाद उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और कार्यक्रम को लेकर उनके अनुभव जाने.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है. प्रधानमंत्री इस मंच के जरिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा करते हैं. आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नवाचार, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर पीएम के निरंतर संदेश समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं.
भीषण गर्मी से बचाव और पारंपरिक देसी पेयों को बढ़ावा देने पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश में पड़ रही भीषण गर्मी का उल्लेख किया और नागरिकों से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने तथा आवश्यक बचाव उपाय अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने पारंपरिक एवं देसी शीतल पेय पदार्थों को बढ़ावा देने पर बल दिया. साथ ही, आम सहित विभिन्न भारतीय फलों की अनोखी विशेषताओं का जिक्र करते हुए प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखने की बात कही.
उत्तराखंड के ‘चेंजमेकर्स’ को राज्य सरकार कर रही प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी ऐसे कई लोग हैं, जो जमीनी स्तर पर काम कर समाज में बड़ा बदलाव ला रहे हैं. राज्य सरकार ऐसे सभी कर्मठ और इनोवेटिव नागरिकों को लगातार प्रोत्साहित और सम्मानित करने का कार्य कर रही है.
छात्राओं के साथ संवाद: पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी
‘मन की बात’ कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्राओं से सीधा संवाद किया और उनसे फीडबैक लिया. उन्होंने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेलकूद और अपनी रुचि के अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि जब हम निष्ठा और समर्पण के साथ कोई छोटा सकारात्मक कार्य शुरू करते हैं, तो उससे प्रेरित होकर दूसरे लोग भी जुड़ते हैं. यही छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास अंततः एक बड़े और मजबूत सामाजिक बदलाव का आधार बनते हैं.
