चीन सीमा से लगी नीती घाटी में ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आगाज: 28 राज्यों के 933 धावक जुटे; सचिवों ने भी लगाई दौड़

चमोली के सीमांत क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी पहल, 2 जून तक चलेगी प्रतियोगिता
इस खबर की 3 बड़ी बातें :
- साहसिक पहल: पर्यटन विभाग, भारतीय सेना और आईटीबीपी के संयुक्त सहयोग से इस दुर्गम क्षेत्र में पहली बार ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन किया जा रहा है.
- पहले दिन का रोमांच: प्रतियोगिता के पहले दिन 75 किलोमीटर की कठिन अल्ट्रा मैराथन और 42 किलोमीटर की मैराथन सफलता पूर्वक आयोजित की गई.
- अफसरों का जोश: धावकों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगोली और पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल भी ट्रैक पर उतरे और दौड़ लगाई.
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की सुरम्य और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीती घाटी में रविवार को बहुप्रतीक्षित “नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” का भव्य शुभारंभ हुआ. देश के 28 राज्यों से आए 933 धावक इस दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं. दो जून तक चलने वाली इस अनूठी प्रतियोगिता का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया.
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ अभियान को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का एक सशक्त जरिया बना है. इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना और देश की ‘अंतिम रक्षा पंक्ति’ के इन गांवों को और अधिक मजबूत व आत्मनिर्भर बनाना है.
पहले दिन 75 किमी और 42 किमी की श्रेणियों में मुकाबला
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि पहले दिन दो मुख्य श्रेणियों में दौड़ आयोजित की गई:
- 75 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन (रिमखिम-नीती-मलारी): इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण और कठिन ट्रैक पर कुल 117 धावकों ने हिस्सा लिया. यह दौड़ 4,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रिमखिम से शुरू होकर सुमना और नीती होते हुए मलारी तक पहुंची.
- 42 किलोमीटर मैराथन (मलारी-नीती-मलारी): 3,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मलारी से नीती गांव तक जाकर वापस लौटने वाली इस दौड़ में 118 प्रतिभागियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया.
धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए खुद दौड़े सचिव
इस मैराथन का एक सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के लिए उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली और पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल भी ट्रैक पर उतरे[3]. दोनों वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने धावकों के साथ कदमताल करते हुए कुछ दूरी तक दौड़ लगाई[3].
नशा मुक्ति का संकल्प और सांस्कृतिक संध्या
प्रतियोगिता के दौरान सभी धावकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर ‘नशामुक्त समाज’ का निर्माण करने का दृढ़ संकल्प लिया. इससे पूर्व, शनिवार शाम को मलारी गांव में पर्यटन विभाग की ओर से एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया था. इसमें सुप्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल ने पारंपरिक गढ़वाली लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया, जिससे देश के विभिन्न कोनों से आए प्रतिभागी स्थानीय लोक-संस्कृति से रूबरू हुए.
आगामी कार्यक्रम: हाफ मैराथन और एमटीबी बाइक चैलेंज
पर्यटन विभाग के अनुसार, प्रतियोगिता के अगले चरण (1 जून) में 5 किमी, 10 किमी और 21 किमी की हाफ मैराथन दौड़ आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही, साहसिक खेलों को नया आयाम देने के लिए गमशाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर लंबी ‘एमटीबी’ (माउंटेन बाइकिंग) चैलेंज प्रतियोगिता भी होगी.
सुरक्षा के लिहाज से चमोली पुलिस ने पूरे रूट और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किया है और सुचारू यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की है. इस कार्यक्रम में दर्जाधारी हरक सिंह, विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, आईटीबीपी के डीआईजी शैलेश कुमार जोशी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे[
