
- डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी काजिम रजा की टीम ने की औचक छापेमारी
- अवैध खनन की शिकायतों के बाद प्रशासन का कड़ा रुख, अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप
लक्सर (हरिद्वार)। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में अवैध खनन और खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। रामपुर रायघटी क्षेत्र में लंबे समय से मिल रही अवैध खनन की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर मौके पर संचालित सभी 8 रिटेल भंडारण केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
इसके साथ ही, संबंधित सभी इकाइयों के ‘ई-खन्ना’ (ई-रवाना) पोर्टल को भी अस्थायी रूप से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है, जिससे उनका व्यापारिक लेनदेन पूरी तरह से ठप हो गया है[। प्रशासन के इस औचक एक्शन से क्षेत्र के खनन कारोबारियों और माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
शिकायत मिलते ही हरकत में आया विभाग
जिला खनन अधिकारी काजिम रजा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि लक्सर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम रामपुर रायघटी में अवैध खनन और भंडारण की लगातार मौखिक शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को उनके नेतृत्व में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की एक विशेष टीम ने मौके पर औचक निरीक्षण किया।
टीम को मौके पर संचालित हो रहे 8 रिटेल भंडारणों में स्टॉक नियमों और पर्यावरणीय मानकों का भारी उल्लंघन मिला। अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद विभागीय टीम ने बिना कोई मोहलत दिए सभी केंद्रों को सील करने की कार्रवाई पूरी की।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला खनन अधिकारी काजिम रजा ने चेतावनी देते हुए कहा:
“हरिद्वार जनपद में अवैध खनन, अवैध भंडारण और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। रामपुर रायघटी मामले में मिली अनियमितताओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
क्षेत्र में लगातार मिल रही थीं शिकायतें
गौरतलब है कि हरिद्वार जिले के लक्सर और आसपास के क्षेत्रों (विशेष रूप से गंगा और बाणगंगा के मैदानी इलाकों) में अवैध खनन और अवैध स्टोन क्रशरों के संचालन के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे खनन को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। इस पृष्ठभूमि में जिला प्रशासन का यह हालिया कड़ा एक्शन अवैध खनन पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
