
हल्द्वानी/नैनीताल: विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के आगामी 15 जून को होने वाले वार्षिक स्थापना दिवस मेले की तैयारियों को लेकर नैनीताल जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है. मेले के दौरान सुगम यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ललित मोहन रयाल ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. इस बार मंदिर की मुख्य सड़क और दर्शन मार्ग पर किसी भी प्रकार के भंडारे या प्रसाद वितरण के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ट्रैफिक जाम की चुनौती से निपटने के लिए कड़ा फैसला
हर वर्ष बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस मेले के अवसर पर देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचते हैं. ऐसे में संकरे पहाड़ी मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है.
जिला प्रशासन का मानना है कि मुख्य सड़क और दर्शन मार्गों के किनारे भंडारे लगाने से अचानक बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित हो जाती है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती है और गंभीर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है. इसी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि मुख्य मार्ग पर किसी भी संस्था, संगठन या श्रद्धालु को भंडारा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
निर्धारित स्थानों या निजी परिसरों में ही कर सकेंगे प्रसाद वितरण
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि जो भी श्रद्धालु या स्वयंसेवी संस्थाएं बाबा का प्रसाद अथवा भंडारा वितरित करना चाहते हैं, वे केवल निजी परिसरों (प्राइवेट प्रॉपर्टी) या प्रशासन द्वारा इसके लिए विशेष रूप से तय किए गए सुरक्षित स्थानों पर ही ऐसा कर सकेंगे. मुख्य यातायात मार्गों और दर्शन मार्गों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की खास व्यवस्थाएं
मेले को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और नैनीताल पुलिस ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है:
- शटल सेवा का संचालन: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 14 और 15 जून को भवाली से कैंची धाम के बीच निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. सभी निजी गाड़ियों को भवाली, भीमताल और हल्द्वानी के निर्धारित पार्किंग स्थलों पर पार्क कराया जाएगा, जहां से श्रद्धालुओं को लगभग 460 विशेष शटल बसों और टैक्सियों के माध्यम से मंदिर तक पहुंचाया जाएगा.
- भारी वाहनों पर पाबंदी: मेले के सुचारू संचालन के लिए 13 जून से 16 जून की रात तक भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति दी जाएगी.
- कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन और 14 जोन में विभाजित किया गया है, जहां भारी पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) और एसडीआरएफ (SDRF) की तैनाती की गई है.
नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने तथा यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है ताकि सभी लोग बिना किसी असुविधा के बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन कर सकें.
