कैबिनेट बैठक में नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कट-ऑफ तिथि संशोधित कर 15 अक्टूबर 2024 करने को मिली मंजूरी; प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ।

देहरादून, : उत्तराखंड के हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के दायरे को बढ़ाने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप समान कार्य-समान वेतन के लिए पात्रता की कट-ऑफ तिथि को संशोधित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कट-ऑफ तिथि में किया गया महत्वपूर्ण संशोधन
अब तक उपनल कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ देने के लिए 12 नवंबर 2018 की कट-ऑफ तिथि लागू थी। इसके तहत केवल उस तिथि तक नियुक्त कर्मचारियों को ही इस योजना का लाभ दिया जा रहा था। लेकिन अब राज्य कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 अक्टूबर 2024 को पारित किए गए आदेश के आधार पर इस कट-ऑफ तिथि को संशोधित कर 15 अक्टूबर 2024 कर दिया है। इस संशोधन के बाद 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त सभी पात्र उपनल कर्मी समान वेतन की श्रेणी में शामिल हो सकेंगे।
22 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद प्रदेश में कार्यरत लगभग सभी पात्र उपनल कर्मचारियों को उनके समकक्ष नियमित सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
- प्रदेश में वर्तमान में कुल 22,000 से अधिक उपनल कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
- इनमें से लगभग 11,000 कर्मचारियों को पहले की व्यवस्था के तहत इस लाभ का फायदा मिल रहा था।
- अब कैबिनेट के इस निर्णय के बाद शेष 11,000 से अधिक कर्मचारी भी इस दायरे में आ जाएंगे।
- सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन नए शामिल होने वाले कर्मचारियों को बढ़ी हुई वेतन राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा।
आगामी चुनावों के लिहाज से रणनीतिक रूप से अहम निर्णय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिकोण से अत्यंत रणनीतिक है। प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले चुनावों को देखते हुए लगभग 22 हजार कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों को प्रभावित करने वाला यह निर्णय वर्तमान भाजपा सरकार के पक्ष में एक सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लंबे समय से चल रही इस मांग के पूरे होने से राज्य के एक बड़े कर्मचारी वर्ग में सरकार के प्रति विश्वास सुदृढ़ होने की संभावना है।
उपनल कर्मचारी संगठन ने जताया आभार
कैबिनेट के इस फैसले के बाद प्रदेश के उपनल कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। निर्णय का स्वागत करते हुए उपनल कर्मचारी संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने कहा:
“कर्मचारी लंबे समय से इस निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। आखिरकार सरकार ने हमारी मांग को स्वीकार कर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह निर्णय प्रदेश के 22 हजार उपनल कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन में नई खुशियां और आर्थिक स्थिरता लेकर आया है। हम सरकार के इस निर्णय का हृदय से स्वागत करते हैं और संगठन की ओर से जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का भव्य स्वागत कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा।”
समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था लागू होने से न केवल उपनल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि विगत कई वर्षों से चली आ रही वेतन संबंधी विसंगति और भेदभाव भी पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। सरकार का यह निर्णय प्रदेश के इन संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए राहत, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
