
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार की संयुक्त पहल पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में गरीबों के लिए बहुमंजिला आवासीय परिसर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। यहाँ कुल 1,872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैट्स बनाए गए हैं। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (ऊधम सिंह नगर) द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य उन गरीब परिवारों को पक्का मकान देना है, जो अब तक बेघर हैं।
खास बातें (Key Highlights):
- 50% सरकारी सब्सिडी: 6 लाख रुपये लागत वाले फ्लैट के लिए लाभार्थी को केवल 3 लाख रुपये देने होंगे, शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: करीब 6 हेक्टेयर क्षेत्र में बने 23 बहुमंजिला ब्लॉक्स को भूकंपरोधी तकनीक से तैयार किया गया है।
- पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया: कंप्यूटर आधारित लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा लाभार्थियों का चयन; आवेदन प्रक्रिया 5,000 रुपये से शुरू होगी।
- पर्यावरण अनुकूल परिसर: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), रेन वाटर हार्वेस्टिंग और हरे-भरे पार्कों से सुसज्जित की गई है पूरी कॉलोनी।
6 लाख का फ्लैट मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा
इस परियोजना के तहत प्रत्येक फ्लैट की कुल निर्माण लागत करीब 6 लाख रुपये है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को इसके लिए केवल 3 लाख रुपये ही चुकाने होंगे। शेष 3 लाख रुपये में से 1.5 लाख रुपये भारत सरकार और 1.5 लाख रुपये उत्तराखंड सरकार सब्सिडी (अनुदान) के रूप में देगी। लाभार्थियों की सुविधा के लिए बैंकों के माध्यम से आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
भूकंपरोधी तकनीक और आधुनिक सुविधाओं से लैस
बागवाला स्थित यह आवासीय परियोजना करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की गई है। यहाँ कुल 23 बहुमंजिला ब्लॉक बनाए गए हैं, जिसमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
- फ्लैट का स्वरूप: करीब 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और एक छोटा बरामदा शामिल है।
- सुरक्षा व्यवस्था: पूरे परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। विद्युत सुरक्षा (यूपीसीएल) और फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।
- कनेक्टिविटी: यह परिसर मुख्य बाजार से केवल 3 किमी, बस स्टैंड से 6 किमी और रेलवे स्टेशन से 8 किमी की दूरी पर है, जिससे यहाँ रहने वाले परिवारों को स्कूल, अस्पताल और रोजगार के लिए आवागमन में कोई समस्या नहीं होगी।
किसे मिलेगा आवास? ये हैं पात्रता की शर्तें
सरकार ने आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली तय की है। आवेदन के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं:
- आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस (MIS) पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है।
- आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
- देश में कहीं भी आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों के बयान:
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्का घर देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। रुद्रपुर के बागवाला की यह परियोजना ईडब्ल्यूएस परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। इसमें गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। जल्द ही पारदर्शी तरीके से लॉटरी निकालकर लाभार्थियों को चाबियां सौंप दी जाएंगी।”— डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव आवास एवं आवास आयुक्त, उत्तराखंड
पर्यावरण और स्वच्छता पर विशेष जोर
इस परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनाया गया है। परिसर के लिए अंडरग्राउंड और ओवरहेड वाटर टैंक के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी। साथ ही, कॉलोनी में जल भराव रोकने के लिए वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), व्यवस्थित सीवरेज प्रणाली और अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाया गया है। बच्चों के खेलने के लिए पार्क और हॉर्टिकल्चर (बागवानी) का काम भी पूरा कर लिया गया है।
