
देहरादून। उत्तराखंड में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, सूबे में मानसून की एंट्री आगामी 28 से 30 जून के बीच होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने 30 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट (Yellow/Orange Alert) जारी किया है। हालांकि, मानसून के आगमन के बाद जुलाई और अगस्त के महीनों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
खास बातें (Key Highlights):
- मानसून का आगमन: सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह की देरी के बाद 28 से 30 जून के बीच उत्तराखंड में प्रवेश करेगा मानसून।
- 30 जून को भारी बारिश: प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश को लेकर चेतावनी जारी।
- जुलाई-अगस्त में उमस: बारिश के बीच वातावरण में नमी बढ़ने से जुलाई और अगस्त में उमस का स्तर काफी अधिक रहेगा।
- यात्रियों को सलाह: चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश।
देरी से क्यों पहुंच रहा है मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष बंगाल की खाड़ी में समय पर मजबूत मानसूनी सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) न बनने के कारण मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। उत्तराखंड में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 20 से 25 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसमें 7 से 10 दिनों का विलंब हुआ है। हालांकि, वर्तमान में अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और जून के अंत तक पूरे राज्य को कवर कर लेगा।
30 जून को प्रदेशभर में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, 28 जून से मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। 30 जून को राज्य के लगभग सभी जनपदों—विशेषकर देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासनों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। पहाड़ी रूटों पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई और अगस्त के महीनों में तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा, लेकिन बारिश के बाद वायुमंडल में नमी (humidity) का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा। इस वजह से पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में लोगों को अत्यधिक उमस का सामना करना पड़ेगा, जिससे चिपचिपी गर्मी परेशान कर सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के अनुसार, “मानसून आने से पहले राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून की बौछारें पड़ रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट आई है। लेकिन 29 और 30 जून को मौसमी गतिविधियां काफी तेज होंगी। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोग मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।”
