
विकासनगर (देहरादून): विकासनगर की एक अदालत ने तंत्र-मंत्र के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हुई महिला को बड़ी राहत दी है। प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट विकासनगर अभिषेक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने थानाध्यक्ष सेलाकुई को निर्देश दिया है कि वह आरोपी के पास से बरामद रकम और सोने की फोटोग्राफी कराकर नियमानुसार पंचनामा तैयार करें और फिर इसे पीड़िता को सौंप दें।
न्यायालय ने थानाध्यक्ष को इस सुपुर्दगी की जानकारी कोर्ट को भी देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह निर्मुक्ति (रिलीज) आदेश इस मामले के अंतिम निस्तारण के अधीन रहेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सेलाकुई निवासी ओशिन गुरूंग (पत्नी अनीश गुरूंग) से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप था कि महंत राहुल थापा ने तंत्र-मंत्र के नाम पर झांसा देकर उनसे 65 तोले सोने के गहने हड़प लिए थे। इस शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 150 ग्राम सोना और पांच लाख रुपये की नकदी बरामद की थी, जो थाने के मालगृह में जमा थी।
न्यायालय में पीड़िता की दलील
पीड़िता ओशिन गुरूंग ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर बरामद सोना और नकदी उनके पक्ष में अवमुक्त (रिलीज) करने का अनुरोध किया था। उन्होंने आभूषणों के स्वामित्व से संबंधित शपथपत्र और खरीद के बिल भी अदालत में पेश किए। पीड़िता की ओर से दलील दी गई कि थाने के मालगृह में लंबे समय तक रखे रहने के कारण गहने और नकदी खराब होने की आशंका है। इस दलील को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने बरामद संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए उसे प्रार्थी की सुपुर्दगी में सशर्त सौंपना न्यायोचित माना।
कोर्ट ने लगाईं ये शर्तें:
अदालत ने संपत्ति की सुपुर्दगी के लिए पीड़िता के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी हैं:
- प्रार्थी (पीड़िता) को 25 लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र (पर्सनल बॉन्ड) और इतनी ही धनराशि का एक जमानती कोर्ट में प्रस्तुत करना होगा।
- प्रार्थी को कोर्ट में एक अंडरटेकिंग (वचनपत्र) देना होगा कि वह मुकदमा लंबित रहने तक इस 150 ग्राम सोने को न तो किसी अन्य के नाम हस्तांतरित करेगी और न ही इसे बेचेगी।
- आभूषणों के मूल स्वरूप में कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
- जब भी न्यायालय द्वारा इस संपत्ति को तलब किया जाएगा, प्रार्थी को इसे अपने खर्च पर अदालत में पेश करना होगा।
थाने से मांगी गई आख्या (रिपोर्ट) में भी इस बात की पुष्टि हुई थी कि मुकदमे से संबंधित 150 ग्राम सोना और 5 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित रूप से थाने के मालगृह में रखी हुई है, जिसे अब शर्तों के साथ पीड़िता को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
