
चमोली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी और कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में अब दूसरी गिरफ्तारी हुई है, जिसमें पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
इसी के साथ, बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की 18 पन्नों की विस्तृत आंतरिक जांच रिपोर्ट विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में बदरीनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण एवं कड़े सुझाव दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट में की गईं मुख्य सिफारिशें:
एसआईटी को सौंपी गई रिपोर्ट में चढ़ावे के संग्रह, उसकी गिनती और उसे सुरक्षित जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए निम्नलिखित सिफारिशें की गई हैं:
- पॉकेट-फ्री ड्रेस कोड: चढ़ावे की गिनती के दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों के लिए बिना जेब (पॉकेट-फ्री) वाली पोशाक पहनना अनिवार्य किया जाए।
- कर्मचारियों की सघन तलाशी: ड्यूटी समाप्त होने के बाद गिनती कक्ष से बाहर निकलने वाले प्रत्येक कर्मचारी की अनिवार्य और सघन तलाशी ली जाए।
- अतिरिक्त सीसीटीवी निगरानी: चढ़ावे की गिनती वाले कक्ष (काउंटिंग रूम) के भीतर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं ताकि पूरी प्रक्रिया की सघन निगरानी हो सके।
- स्पष्ट SOP का क्रियान्वयन: चढ़ावा प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) तैयार कर उसे कड़ाई से लागू किया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म किया जा सके।
“श्रद्धालुओं का विश्वास और पारदर्शिता मजबूत करना हमारी प्राथमिकता”
इस संबंध में जानकारी देते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से विभिन्न सुझाव प्राप्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “इन सुझावों को धरातल पर लागू कर प्रत्येक चरण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास और व्यवस्था की पारदर्शिता दोनों को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।”
वर्तमान में एसआईटी इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और इस नई गिरफ्तारी व जांच रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
