सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं: शहीदों के परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं, पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। देहरादून के कुआंवाला स्थित यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाने के लिए देश का पहला समर्पित ‘अग्निवीर सेल’ उत्तराखंड में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए होमस्टे स्थापित करने हेतु पर्यटन विभाग विशेष अनुदान भी देगा।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं और नीतियां
- होमस्टे के लिए अनुदान: पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष वित्तीय सहायता और अनुदान मिलेगा।
- देश का पहला ‘अग्निवीर सेल’: सेना से सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों की मदद और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए राज्य में एक समर्पित सेल का गठन होगा। ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा।
- सीमावर्ती गांवों का विकास: सीमांत गांवों के स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों व अग्निवीरों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए विशेष बुनियादी ढांचा (अवस्थापना) अनुदान दिया जाएगा।
- शहीद परिवारों को ₹50 लाख: शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया गया है।
- नौकरी की समय-सीमा बढ़ी: शहीद के आश्रितों को सरकारी नौकरी में समायोजन के आवेदन की समय-सीमा को 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है।
- 10% क्षैतिज आरक्षण: अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन जैसी सरकारी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण, आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रियाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
“मैं स्वयं एक सैनिक का बेटा हूँ, उनका अनुशासन और त्याग करीब से देखा है”
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक का बेटा हूँ। मैंने बचपन से सैनिकों का अनुशासन, उनका त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण बहुत करीब से देखा है। जब भी मैं सैनिकों और युवाओं के बीच आता हूँ, मुझे अपने परिवार जैसी अनुभूति होती है। अग्निवीर बनना केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि यह देश सेवा का सर्वोच्च अवसर है। सेना में बिताए गए चार वर्ष इन युवाओं के पूरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी साबित होंगे।”
भर्ती घोटालों पर कड़ा प्रहार, 5 साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली नौकरी
मुख्यमंत्री ने विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पहले कई भर्ती घोटाले हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन पर कड़ा प्रहार किया है। उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा और संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है। अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसी पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है कि पिछले 5 वर्षों में बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ (सिफारिश व रिश्वत) के रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक योग्य युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
सामाजिक सुधार: समाप्त किया गया मदरसा बोर्ड
सीएम धामी ने सामाजिक और आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में सबसे पहले उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया है, जिससे सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा के द्वार खुल गए हैं। इसके अलावा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कीवी, एप्पल और तिमरु मिशन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्य (SDG) की राष्ट्रीय सूची में उत्तराखंड ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है और राज्य को फिल्म फ्रेंडली स्टेट के रूप में भी सम्मानित किया गया है।
पर्यटन में नया रिकॉर्ड: 4 साल में आए 24 करोड़ से अधिक पर्यटक
उत्तराखंड की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन क्षेत्र पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा और शीतकालीन पर्यटन के चलते बीते 4 वर्षों में 24 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार के प्रयासों और पीएम मोदी के उत्तराखंड के प्रति विशेष स्नेह के कारण राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल सहित कई सैन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में युवा अग्निवीर उपस्थित रहे।
