
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा किया और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिसके तहत अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
बिना ‘पर्ची-खर्ची’ के मिल रही हैं सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, “साल 2002 में प्रदेश की पहली निर्वाचित सरकार के समय दरोगा व पटवारी भर्ती घोटाला हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 2012 में कांग्रेस के कार्यकाल में भी यूकेएसएसएससी (UKSSSC) भर्ती में गड़बड़ियां सामने आईं। इसके विपरीत, हमारी सरकार ने गड़बड़ी सामने आते ही कड़ा रुख अपनाया और तुरंत देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया।”
उन्होंने आगे कहा कि आज उत्तराखंड में बिना किसी ‘पर्ची’ (सिफारिश) और ‘खर्ची’ (रिश्वत) के रिकॉर्ड 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पहले जहां नकल माफिया की साठगांठ वाले लोगों का चयन होता था, वहीं अब सामान्य और गरीब परिवारों के होनहार बेटे-बेटियों को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं।
महिला सशक्तिकरण: 2.65 लाख बनीं ‘लखपति दीदी’
महिला आर्थिकी को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ (House of Himalayas) ब्रांड शुरू किया गया है। वर्तमान में राज्य में 2.65 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इसके अलावा, राज्य की महिलाओं के लिए नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है, जिससे वे स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
कृषि क्रांति, रिवर्स पलायन और रिकॉर्ड चारधाम यात्रा
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रेखांकित किया:
- शिक्षा और सामाजिक सुधार: मदरसा बोर्ड को लेकर कड़े निर्णय लेते हुए अल्पसंख्यक शिक्षा में गुणात्मक सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
- कृषि में नवाचार: किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘एप्पल मिशन’, कीवी व ड्रैगन फ्रूट क्रांति और सगंध (एरोमैटिक) फसलों की खेती को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है।
- राष्ट्रीय स्तर पर पहचान: फिल्म, कृषि, पर्यटन, निर्यात और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के कारण उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले हैं।
- रिवर्स पलायन: राज्य सरकार की नीतियों और ग्रामीण विकास के चलते पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन करने वाले लोग अब वापस अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं।
- चारधाम यात्रा: इस वर्ष चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा जल्द ही 45 लाख के करीब पहुंचने वाला है।
“उत्तराखंड की चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं पीएम मोदी”
अपने संबोधन के अंत में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों को भली-भांति समझते हैं। विकास के हर बड़े प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। यही डबल इंजन की सरकार की असली ताकत है, जहां राज्य की प्राथमिकताओं और जरूरतों को केंद्र की ओर से तत्काल स्वीकृति और वित्तीय सहयोग मिलता है।
