
FIFA World Cup 2026 Award Winners List: स्पेन के दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के साथ ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 का समापन हो गया है। लॉर्ड्स (लंदन) के बाद फुटबॉल के इस महाकुंभ का समापन अवॉर्ड सेरेमनी के साथ हुआ, जिसमें व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से मात देने वाली स्पेनिश टीम का जलवा अवॉर्ड्स में भी साफ दिखा।
फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर क्यों हैं। हालांकि फ्रांस फाइनल तक नहीं पहुँच सका, लेकिन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 10 गोल दागे। इसके साथ ही वे फुटबॉल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने दो बार ‘गोल्डन बूट’ जीता है। 2022 में 8 गोल करने के बाद, इस बार उनका 10 गोल का आंकड़ा अद्भुत रहा।
स्पेन की खिताबी जीत के असली सारथी मिडफील्डर रोड्री रहे। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनते हुए ‘गोल्डन बॉल’ से नवाजा गया। 30 वर्षीय रोड्री ने न केवल डिफेंस को मजबूती दी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा पास पूरे करने, सबसे ज्यादा दूरी तय करने और खेल को नियंत्रित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फाइनल में भी उन्होंने 105 में से 101 पास पूरे करके अपनी क्लास दिखाई।
फाइनल मैच के हीरो फेरान टोरेस, जिन्होंने 106वें मिनट में निर्णायक गोल दागा, उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। स्पेन की दीवार बनकर खड़े रहने वाले गोलकीपर उनाई सिमोन को ‘गोल्डन ग्लव्स’ मिला, वहीं युवा सनसनी पाउ कुबारसी को ‘यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब दिया गया।
FIFA वर्ल्ड कप 2026: अवॉर्ड विनर्स की पूरी लिस्ट
| अवॉर्ड का नाम | विजेता (देश) |
| गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) | रोड्री (स्पेन) |
| गोल्डन बूट (सर्वाधिक गोल) | किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस – 10 गोल) |
| गोल्डन ग्लव्स (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर) | उनाई सिमोन (स्पेन) |
| यंग प्लेयर अवॉर्ड | पाउ कुबारसी (स्पेन) |
| मैन ऑफ द मैच (फाइनल) | फेरान टोरेस (स्पेन) |
| FIFA फेयर प्ले ट्रॉफी | नीदरलैंड्स |
16 साल बाद दोहराया 2010 का इतिहास
स्पेन के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। 2010 के बाद यह उनका दूसरा खिताब है। दिलचस्प बात यह है कि 2010 में नीदरलैंड्स के खिलाफ भी स्पेन ने 1-0 से ही जीत दर्ज की थी और तब भी गोल एक्स्ट्रा टाइम में ही आया था। 16 साल का यह संयोग फुटबॉल प्रशंसकों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
अर्जेंटीना की टीम के पास मेसी के नेतृत्व में लगातार दूसरा खिताब जीतने का मौका था, लेकिन स्पेन के अनुशासित खेल और रोड्री की कप्तानी ने अर्जेंटीना के अरमानों पर पानी फेर दिया।
