- प्रदेश के 148 आयुष्मान आरोग्य मंदिर NABH मानकों पर खरे उतरे
- डॉक्टरों और पंचकर्म तकनीशियनों को दी जाएगी हाई-क्वालिटी ट्रेनिंग
- पर्यटकों को ठहरने की जगह पर ही मिलेगी आयुर्वेद और पंचकर्म की सुविधा

देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य को देश का प्रमुख आयुर्वेद और वेलनेस टूरिज्म हब बनाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है। अब प्रदेश के होटलों, रेस्टोरेंटों और धर्मशालाओं में भी आयुष स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
विधानसभा में आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने आयुष विभाग और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष सेंटरों को सर्वसुविधायुक्त हब बनाने, डॉक्टरों-तकनीशियनों के प्रशिक्षण और गुणवत्ता मानकों की स्थापना पर विस्तार से चर्चा की गई।
- अस्पताल और शिक्षण संस्थान: राज्य में 3 सरकारी और 20 गैर-सरकारी आयुष अस्पताल व शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान हैं।
- प्रमुख सरकारी अस्पताल: उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (हर्रावाला), ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पीजी (हरिद्वार) और गुरुकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (हरिद्वार) शामिल हैं।
- क्लिनिक व वेलनेस सेंटर: प्रदेश भर में 552 सरकारी और 1,511 गैर-सरकारी आयुष क्लिनिक और वेलनेस सेंटर संचालित हो रहे हैं।
- आरोग्य मंदिर: 148 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ‘नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स’ (NABH) के मानकों पर खरे उतरे हैं।
- पंचकर्म केंद्र: राज्य में फिलहाल 46 पंचकर्म सेंटर काम कर रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता सुधारने पर QCI अधिकारियों के साथ सहमति बनी है।
होटलों और धर्मशालाओं में क्यों खुलेंगे केंद्र?
उत्तराखंड में हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे विश्व प्रसिद्ध वेलनेस टूरिज्म सेंटर हैं। साथ ही राज्य में औषधीय पादपों (जड़ी-बूटियों) की बहुलता है। सरकार की योजना है कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को उनके रुकने के स्थान (होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला) पर ही प्रामाणिक आयुष व पंचकर्म सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए QCI के सहयोग से मानक (स्टैंडर्ड) तय किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के आयुष डॉक्टरों और पंचकर्म तकनीशियनों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। इसके अलावा उत्तराखंड को आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या बोले मंत्री मदन कौशिक?“आयुष विभाग की बैठक में भारत सरकार से मिले 148 आरोग्य मंदिरों की समीक्षा की गई, जो NABH के मानकों पर खरे उतरे हैं। प्रदेश में होटलों, रेस्टोरेंटों और धर्मशालाओं में आयुष स्वास्थ्य केंद्र खोलने के स्टैंडर्ड तय करने पर चर्चा हुई है, ताकि उत्तराखंड को आयुर्वेद और वेलनेस का विश्व स्तरीय डेस्टिनेशन बनाया जा सके।”
