
प्रमुख बिंदु ):
- वर्ष 2024 की भर्ती पर 2026 में भी घमासान: 1500 से अधिक सहायक अध्यापक पदों के लिए निकली भर्ती परीक्षा के 3 विवादित प्रश्नों पर उपजा विवाद।
- कट-ऑफ के गणित पर विवाद: 3 प्रश्नों के संशोधन के बाद आयोग द्वारा नई कट-ऑफ तय करने के तरीके का अभ्यर्थी कर रहे हैं विरोध।
- आयोग का निर्णय: 1352 पूर्व चयनित अभ्यर्थियों की सूची बरकरार रखते हुए 104 अतिरिक्त अभ्यर्थियों का किया चयन।
- अभ्यर्थियों की मांग: फरवरी 2025 में जारी मूल कट-ऑफ के आधार पर पूरी मेरिट सूची को दोबारा संशोधित कर जारी किया जाए।
- हाईकोर्ट का कड़ा रुख: आयोग को आगामी मंगलवार तक फरवरी 2025 की मूल कट-ऑफ के आधार पर अभ्यर्थियों की सूची कोर्ट में पेश करने के आदेश।
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2024 में 1500 से अधिक पदों के लिए शुरू हुई सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2026 में भी विवादों के घेरे में बनी हुई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा फरवरी 2025 में 1352 अभ्यर्थियों की अंतिम मेरिट सूची जारी की गई थी। लेकिन परीक्षा में शामिल तीन प्रश्नों पर दर्ज आपत्तियों और उन पर मिले नंबरों के फॉर्मूले ने अब इस भर्ती को कानूनी और सामाजिक मोर्चे पर उलझा दिया है।
फरवरी 2025 में लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के 3 प्रश्नों के उत्तर पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों की आपत्ति को सही पाया।
इसके बाद विवाद तब शुरू हुआ जब इन 3 प्रश्नों के नंबरों का लाभ पूरी भर्ती प्रक्रिया में देने के बजाय आयोग ने एक अलग तरीका अपनाया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने पूर्व में चयनित 1352 अभ्यर्थियों को यथावत रखा और अंतिम चयनित अभ्यर्थी के अंकों में 3 प्रश्नों के अंक जोड़कर एक ‘नई और उच्च’ कट-ऑफ तय कर दी। इसी नई कट-ऑफ के आधार पर आयोग ने 104 अतिरिक्त अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की।
अभ्यर्थियों का विरोध: “मूल कट-ऑफ के आधार पर बने संशोधित मेरिट”
आयोग के इस फैसले के खिलाफ अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है:
- 3 गलत प्रश्नों के अंक संशोधित होने के बाद पूरी मेरिट लिस्ट को नए सिरे से जारी किया जाना चाहिए था।
- संशोधन के बाद कई अभ्यर्थियों के अंक फरवरी 2025 में जारी मूल कट-ऑफ से अधिक हो चुके हैं, फिर भी नई (बढ़ी हुई) कट-ऑफ के कारण उनका चयन नहीं हो पा रहा है।
- अभ्यर्थियों की मांग है कि पूर्व में निर्धारित अंतिम कट-ऑफ को ही आधार मानते हुए संशोधित अंक पाने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
हाईकोर्ट में जोरदार बहस, मंगलवार को अगली सुनवाई
मामले को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में बहस हुई। अभ्यर्थियों के वकीलों ने आयोग के कट-ऑफ तय करने के तरीके पर सवाल उठाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने आगामी मंगलवार की तारीख तय की है। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह फरवरी 2025 की मूल कट-ऑफ के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की पूरी सूची अदालत में प्रस्तुत करे।
आयोग का पक्ष: “कोर्ट के निर्देशानुसार होगी आगे की कार्रवाई”
इस पूरे विवाद पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया:
“इस मामले में हाईकोर्ट में आयोग की तरफ से अधिवक्ता ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। मामला अभी न्यायालय के अधीन है और हाईकोर्ट की तरफ से जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, आयोग उसी के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।”
फिलहाल, 3 प्रश्नों के नंबरों के फेर में फंसी इस भर्ती पर हजारों अभ्यर्थियों की नजरें हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।
