
न्यूज ब्रीफ (मुख्य बिंदु):
- 11 अगस्त तक चलेगी यात्रा: श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा का आज (बृहस्पतिवार) से औपचारिक शुभारंभ, करोड़ों शिवभक्त लेंगे गंगाजल।
- 6,000 जवानों का कड़ा पहरा: पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री फ़ोर्स) की तैनाती; कांवड़ पटरी, हाइवे और घाटों पर अभेद्य सुरक्षा।
- 18 सुपर जोन, 141 सेक्टर: पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटकर लागू की गई सुरक्षा व्यवस्था।
- हाईटेक निगरानी: ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर; ट्रैफ़िक के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू।
हरिद्वार। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा का आज, बृहस्पतिवार से विधिवत शुभारंभ हो रहा है। 11 अगस्त तक चलने वाली इस भव्य धार्मिक यात्रा के लिए हरिद्वार पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
हालाँकि, आधिकारिक शुरुआत से पहले ही बड़ी संख्या में शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना होने लगे थे, लेकिन आज से कांवड़ यात्रा की विधिवत शुरुआत के साथ ही हरिद्वार में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है।
18 सुपर जोन और 141 सेक्टरों में बंटा पूरा मेला क्षेत्र
करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार मेला क्षेत्र का विस्तृत सुरक्षा खाका तैयार किया गया है:
- सुरक्षा बलों की तैनाती: कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख गंगा घाटों, मंदिरों और संवेदनशील स्थलों पर करीब 6 हजार पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।
- क्षेत्रीय विभाजन: सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पूरे हरिद्वार मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है।
हाईटेक निगरानी: ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर
कांवड़ यात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:
- ड्रोन और सीसीटीवी: कांवड़ पटरी मार्ग और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए कंट्रोल रूम से 24 घंटे लगातार निगरानी की जाएगी।
- रूट डायवर्जन प्लान: हाईवे पर भारी वाहनों और सामान्य यातायात को सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू कर दी गई है।
- आपातकालीन सेवाएं अलर्ट: भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल, अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा राहत टीमें (SDRF/NDRF) पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बृहस्पतिवार से यात्रा विधिवत शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित माहौल प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि:
- वे प्रशासन द्वारा निर्धारित कांवड़ मार्गों और दिशानिर्देशों का ही पालन करें।
- किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- आपात स्थिति में तत्काल पुलिस हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
