
- व्यूज के चक्कर में स्वाला गांव को ‘भूतिया गांव’ बताकर बदनाम कर रहे थे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
- ग्राम प्रधान ललिता देवी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
- गांव में बिजली, पानी और सड़क की सभी सुविधाएं उपलब्ध; अब बिना अनुमति प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध
चंपावत | उत्तराखंड के सीमांत चंपावत जिले के सुंदर स्वाला गांव को ‘भूतिया गांव’ (Ghost Village) बताकर सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने वाले YouTubers, ब्लॉगर्स और इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। गांव की छवि धूमिल होने से नाराज ग्राम पंचायत ने बड़ा फैसला लेते हुए किसी भी बाहरी व्यक्ति, यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर के बिना अनुमति गांव में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
ग्रामीणों ने इस फैसले को सख्ती से लागू करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बाकायदा एक चेतावनी बोर्ड भी स्थापित कर दिया है।
स्वांला क्षेत्र में स्थित इस खूबसूरत गांव को पिछले कुछ समय से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब चैनलों द्वारा ‘भूतिया गांव’ बताकर सनसनीखेज वीडियो बनाए जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ‘हेलो गाइज…’ करने वाले इन्फ्लुएंसर्स केवल अपने फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लिए गांव की वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे थे, जिससे गांव की प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है।
बिना पंचायत की अनुमति नहीं मिलेगी एंट्री

ग्राम प्रधान ललिता देवी की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। निर्णय लिया गया कि अब ग्राम पंचायत की लिखित या मौखिक अनुमति के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति या शूटिंग टीम गांव में दाखिल नहीं हो सकेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका मकसद किसी को रोकना नहीं, बल्कि गांव की गरिमा, संस्कृति और वास्तविक पहचान को बचाना है। यदि किसी को शोध, न्यूज कवरेज या शूटिंग करनी है, तो पहले पंचायत से अनुमति लेनी होगी।
‘बिजली, पानी, सड़क सब है, फिर भी फैलाया भ्रम’
स्वांला की ग्राम प्रधान ललिता देवी ने कहा:“हमारे गांव स्वाला में बिजली, पानी, सड़क समेत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कुछ न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स ने गांव को ‘भूतिया गांव’ बताकर पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार किया। इससे ग्रामीणों की भावनाएं आहत हुई हैं और गांव की पहचान प्रभावित हुई है। इसी वजह से अब गांव में प्रवेश के लिए अनुमति अनिवार्य कर दी गई है।”
