- 7 महीने से पुलिस को चकमा दे रहे मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी के प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया शुरू
- त्रिपुरा के 24 वर्षीय MBA छात्र एंजेल चकमा की सेलाकुई में हमले के बाद इलाज के दौरान हो गई थी मौत
- मामले के 6 में से 5 आरोपी पहले ही गिरफ्तार, इंटरपोल की मदद से नेपाल सरकार से साधा जा रहा संपर्क

देहरादून | राजधानी देहरादून के बहुचर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में घटना के 7 महीने बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के मुख्य आरोपी और 1 लाख रुपये के इनामी यज्ञराज अवस्थी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन (इंटरपोल) ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। वारदात के बाद से ही आरोपी नेपाल फरार हो गया था। अब इंटरपोल के नोटिस के बाद नेपाल सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
9 दिसंबर 2025 को हुआ था हमला, 17 दिन बाद हुई थी मौत
पुलिस जांच के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को त्रिपुरा के निवासी और देहरादून में MBA की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय एंजेल चकमा और उनके भाई पर सेलाकुई क्षेत्र में कुछ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 26 दिसंबर 2025 को उनकी मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
6 में से 5 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने इस हत्याकांड में कुल 6 आरोपियों को नामजद किया था। मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी को छोड़कर पुलिस बाकी 5 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें बाद में किशोर न्याय बोर्ड से जमानत मिल गई थी।
एंजेल चकमा हत्याकांड: आरोपियों की सूची
- यज्ञराज अवस्थी (22 वर्ष): निवासी कंचनपुर, नेपाल — मुख्य आरोपी (फरार, ₹1 लाख का इनाम)
- अविनाश नेगी (25 वर्ष): निवासी सहसपुर, देहरादून (गिरफ्तार)
- सूरज खवास (18 वर्ष): मूल निवासी मणिपुर, हाल निवासी पटेल नगर, देहरादून (गिरफ्तार)
- सुमित (25 वर्ष): निवासी तिलवाड़ी, देहरादून (गिरफ्तार)
- दो नाबालिग आरोपी: (गिरफ्तार, फिलहाल जमानत पर)
आगे क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?
रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद यदि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी नेपाल या किसी भी अन्य इंटरपोल सदस्य देश में चिन्हित होता है, तो वहां की स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसे हिरासत में ले लेंगी और भारत सरकार को सूचित करेंगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच बने राजनयिक और कानूनी नियमों के तहत आरोपी का भारत प्रत्यर्पण कराया जाएगा।
“आरोपी के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करा दिया गया है। संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और नेपाल सरकार के साथ समन्वय बनाकर प्रत्यर्पण की कानूनी कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी बढ़ने से उम्मीद है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर भारत लाया जाएगा।”— अनुज कुमार, सीओ, विकासनगर (देहरादून)
नॉलेज बॉक्स: क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) इंटरपोल द्वारा जारी किया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय अलर्ट है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भगोड़े या वांछित (Wanted) अपराधी का पता लगाना और उसे तब तक अस्थायी रूप से हिरासत में रखना होता है, जब तक कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी कर उसे संबंधित देश को न सौंप दिया जाए। यह सीधे तौर पर गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, लेकिन दुनियाभर की पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय और कार्रवाई का सबसे प्रभावी जरिया माना जाता है।
