● जागेश्वर-त्रियुगीनारायण में ढाई गुना और धारी देवी में दोगुने बढ़े श्रद्धालु
● यमुनोत्री धाम में 2 अगस्त तक रिकॉर्ड 6.54 लाख यात्रियों ने टेका माथा
● पर्यटन सर्किट और मानसखंड मंदिरमाला मिशन से बढ़ी सुविधाएं

देहरादून: उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य में चारधाम यात्रा के साथ-साथ अन्य पौराणिक और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों (जनवरी से जून 2026) के अनुसार, अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम और रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में ढाई गुना की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, श्रीनगर स्थित धारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का आंकड़ा लगभग दोगुना और चंपावत के पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना तक बढ़ गया है।
चारधाम यात्रा भी इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा शुरू होने के महज 105 दिनों के भीतर 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
कैंची धाम और आदि कैलाश में टूटे पुराने रिकॉर्ड
- कैंची धाम (नैनीताल): नीम करौली महाराज के दरबार में जनवरी से जून 2026 तक 24,34,507 श्रद्धालु पहुंचे। अकेले जून महीने में रिकॉर्ड 8.66 लाख भक्तों ने दर्शन किए।
- आदि कैलाश (पिथौरागढ़): वर्ष 2022 से पहले तक यहां सालभर में 2,000 से कम यात्री आते थे। इस साल 1 मई से यात्रा शुरू हुई और मानसून के कारण 1 जुलाई को यात्रा स्थगित होने से पहले (महज 2 महीने में) 52,441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
- यमुनोत्री धाम: 2 अगस्त तक 6,54,958 यात्रियों ने दर्शन किए, जो धाम के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है।
- बदरीनाथ धाम: 31 जुलाई तक (100 दिनों में) 15,52,021 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि पिछले साल इस दौरान 12.40 लाख यात्री पहुंचे थे।
प्रमुख तीर्थ स्थलों में श्रद्धालुओं का तुलनात्मक आंकड़ा
| धार्मिक स्थल | 2025 (जनवरी – जून) | 2026 (जनवरी – जून) | बढ़ोतरी |
| कैंची धाम | – | 24,34,507 | ऑल-टाइम रिकॉर्ड |
| पूर्णागिरि धाम | 14,35,290 | 20,91,788 | ~1.5 गुना |
| मुनिकीरेती-तपोवन-शिवपुरी | 13,62,600 | 15,97,439 | बढ़ोतरी दर्ज |
| धारी देवी | 2,83,275 | 5,42,626 | लगभग दोगुना |
| त्रियुगीनारायण | 1,36,120 | 3,40,385 | ढाई गुना |
| जागेश्वर धाम | 67,875 | 1,74,119 | ढाई गुना |
मानसखंड मिशन और बेहतर बुनियादी ढांचा बना वजह
प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने, केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं में ‘मानसखंड मंदिरमाला मिशन’ के तहत प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प करने, सड़कों के चौड़ीकरण और परिवहन सेवाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हुई है। ऋषिकेश से सटे मुनिकीरेती, तपोवन, शिवपुरी के साथ-साथ सुरकंडा देवी और कार्तिक स्वामी मंदिर में भी पर्यटकों का तांता लगा हुआ है।
मुख्यमंत्री का बयान:“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। प्राचीन और पौराणिक मंदिरों का विकास किया जा रहा है और बुनियादी सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है।”— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
