मुख्य बिंदु (Highlights):
- शनिवार: पंच पूजा के दूसरे दिन आदि केदारेश्वर और शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद।
- रविवार: बदरीनाथ मंदिर में वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा।
- 25 नवंबर: शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम के मुख्य कपाट बंद होंगे।

देहरादून: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में पंच पूजाओं के दूसरे दिन, शनिवार को मंदिर परिसर में स्थित भगवान आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
अन्नकूट का भोग और आरती
शनिवार को कपाट बंद करने की प्रक्रिया के तहत बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल) अमरनाथ नंबूदरी ने विशेष पूजा-अर्चना की। कपाट बंद होने से पूर्व भगवान आदि केदारेश्वर को अन्नकूट का भोग अर्पित किया गया और भव्य आरती उतारी गई। इसके पश्चात, वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए।
अब रविवार को बंद होगा वेद ऋचाओं का वाचन
मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार, पंच पूजा के तीसरे दिन यानी रविवार को बदरीनाथ मंदिर में वेद ऋचाओं का वाचन विधिवत रूप से बंद हो जाएगा। इसके बाद कपाट बंदी की अगली प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
25 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को शीतकाल के लिए पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंदी की इस प्रक्रिया के दौरान शनिवार को धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, अमित बंदोलिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
