
देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में इन दिनों भक्ति और अटूट आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम (बारिश व बर्फबारी) के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 7 लाख 61 हजार से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं।
एक दिन में 48 हजार से अधिक पहुंचे श्रद्धालु
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केवल 5 मई को ही 48,256 श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए। मौसम की चुनौतियों के बीच प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा इंतजामों के कारण यात्रा सुचारू रूप से जारी है।
धामों के अनुसार दर्शनार्थियों का विवरण (5 मई तक):
- केदारनाथ धाम: बाबा केदार के प्रति भक्तों की दीवानगी चरम पर है। 5 मई को 17,357 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 22 अप्रैल से अब तक कुल 3,44,889 श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद ले चुके हैं।
- बदरीनाथ धाम: भगवान बदरी विशाल के दरबार में 5 मई को 12,257 भक्तों ने उपस्थिति दर्ज कराई। 23 अप्रैल से अब तक यहाँ कुल 1,85,662 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
- यमुनोत्री धाम: यहाँ 5 मई को 9,186 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 19 अप्रैल से अब तक कुल 1,16,238 श्रद्धालु माँ यमुना के चरणों में शीश नवा चुके हैं।
- गंगोत्री धाम: माँ गंगा के दर्शन के लिए 5 मई को 9,456 श्रद्धालु पहुँचे। 19 अप्रैल से अब तक यहाँ कुल 1,15,042 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
हेमकुंड साहिब यात्रा: 23 मई को खुलेंगे कपाट, युद्धस्तर पर तैयारियाँ
सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 23 मई को खुलने जा रहे हैं। दुर्गम पहाड़ियों पर भारी बर्फबारी के बीच भारतीय सेना के जवान बर्फ काटकर रास्ता तैयार करने में जुटे हैं।
हाल ही में चमोली पुलिस, भारतीय सेना और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संयुक्त दल ने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने पुलना गांव में पार्किंग व्यवस्था और भ्यूंडार घाटी व घांघरिया में पुलिस चौकियों का जायजा लिया। प्रशासन का विशेष ध्यान भीड़ प्रबंधन पर है, क्योंकि इसी मार्ग से ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers) के पर्यटक भी गुजरते हैं।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
अटलाकोटी से हेमकुंड साहिब तक का मार्ग फिलहाल भारी बर्फ की चादर से ढका है, जिसे सेना के जवान निरंतर साफ कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी।
