देहरादून: हनुमान जी सूर्य देव के पास शिक्षा प्राप्त करने के लिए गए थे। हनुमान जी के गुरु सूर्य देव के पास 9 विद्याएं थी। जिनका ज्ञान हनुमान जी जानना चाहते थे। पांच विद्याएं तो हनुमानजी सिख चुके थे। लेकिन बाकी की चार विद्याओं के लिए हनुमानजी को शादीशुदा होना बेहद जरूरी था। हनुमान जी सारी विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करना चाहते थे। इस समस्या का समाधान सूर्य देव ने निकाला और हनुमानजी को शादी करने का सुझाव दिया। सूर्य देव के इस प्रस्ताव पर पहले तो हनुमान जी राजी नहीं हुए। लेकिन बाद में उन्होंने हां कर दिया।
इसके बाद सूर्य देव ने अपनी तपस्वी बेटी सुवर्चला के साथ शादी करने का प्रस्ताव हनुमानजी के सामने रखा। उन्होंने कहा की सुवर्चला से शादी करने के बाद भी वह ब्रह्मचारी ही रहेंगे। क्योंकि, शादी के बाद वह फिर से तपस्या में लीन हो जाएंगी। इसके बाद हनुमान जी ने सुर्वचला के साथ शादी कर ली और इस तरह उन्होंने शादी के बाद अपनी पूर्ण शिक्षा हासिल की और ब्रह्मचारी का पालन भी किया। इसके बाद सुर्वचला हमेशा के लिए अपनी तपस्या में लीन हो गई। इस तरह हनुमान जी शादीशुदा होने के बाद भी ब्रह्मचारी बने रहे।
4,000 वर्ग किमी में फैले जोन में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का होगा कड़ाई से…
5800 कर्मचारियों की बढ़ी आर्थिक परेशानी; शासन में अटकी 4.5 करोड़ की प्रतिपूर्ति, यूनियन ने…
10 अगस्त को सैलाब में बह गया था मोटर पुल; NDRF, SDRF, सेना और पुलिस…
साल के 12 महीने करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही से नदियां-पहाड़ प्रदूषित; अस्थायी सफाई छोड़ अब…
पिछले साल के मुकाबले 5.22 लाख ज्यादा पहुंचे यात्री; बदरीनाथ में सबसे ज्यादा 16.54 लाख…
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…