नैनीताल।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य दोषियों पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती देने और जमानत पर रिहा करने की दोनों दोषियों की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने दोनों की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि तय की है।
कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (सत्र न्यायालय) ने 30 मई 2025 को इस मामले पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता भंडारी की हत्या का दोषी पाते हुए आईपीसी की धारा 302, 354अ और 201 के तहत आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 47 गवाह पेश किए गए थे। इसी सजा को दोषियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के गंगा भोगपुर स्थित ‘वनन्तरा रिसॉर्ट’ में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत थी। रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या और उसके सहयोगियों ने अंकिता पर अनैतिक कार्यों का दबाव बनाया था। अंकिता द्वारा इसका विरोध करने पर आरोपियों ने उसे चीला बैराज (नहर) में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था और वे तब से जेल में बंद हैं।
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