मुख्य बिंदु (Highlights):
देहरादून: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में पंच पूजाओं के दूसरे दिन, शनिवार को मंदिर परिसर में स्थित भगवान आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
अन्नकूट का भोग और आरती
शनिवार को कपाट बंद करने की प्रक्रिया के तहत बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल) अमरनाथ नंबूदरी ने विशेष पूजा-अर्चना की। कपाट बंद होने से पूर्व भगवान आदि केदारेश्वर को अन्नकूट का भोग अर्पित किया गया और भव्य आरती उतारी गई। इसके पश्चात, वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए।
अब रविवार को बंद होगा वेद ऋचाओं का वाचन
मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार, पंच पूजा के तीसरे दिन यानी रविवार को बदरीनाथ मंदिर में वेद ऋचाओं का वाचन विधिवत रूप से बंद हो जाएगा। इसके बाद कपाट बंदी की अगली प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
25 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को शीतकाल के लिए पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंदी की इस प्रक्रिया के दौरान शनिवार को धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, अमित बंदोलिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म होगा, सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित कर…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू के…
मसूरी। प्रसिद्ध यात्रा लेखक और पद्मश्री सम्मानित ह्यू गैंटज़र का मंगलवार को 94 वर्ष की…
देहरादून: रेल बजट से उत्तराखंड को इस साल 4,769 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग समेत…
देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27…
नानकमत्ता में वीबीजी रामजी योजना पर जिला सम्मेलन का आयोजनटीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्कनानकमत्ता। कैबिनेट…