देहरादून: उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक मशीनरी (Bureaucracy) के पेंच कसते हुए एक नया ‘वर्किंग कल्चर’ अपनाने का आह्वान किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस’ (AOC) के दौरान सीएम धामी ने आईएएस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब “फाइलों को अटकाने का नहीं, बल्कि समाधान को धरातल पर उतारने का समय है।”
सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ एक अनौपचारिक लेकिन गंभीर संवाद में प्रशासन को तेज (Fast), पारदर्शी (Transparent) और जन-केंद्रित (People-Centric) बनाने के लिए ‘ट्रिपल मंत्र’ दिया।
सीएम धामी के संबोधन की 5 बड़ी बातें:
मुख्यमंत्री का यह संबोधन केवल निर्देश नहीं, बल्कि राज्य की ब्यूरोक्रेसी के लिए एक स्पष्ट ‘रोडमैप’ है। अब देखना होगा कि ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘गुड गवर्नेंस’ के इस मंत्र को प्रशासनिक अमला कितनी तेजी से धरातल पर उतार पाता है।
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