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बदरी विशाल के महाभिषेक की तैयारी: नरेंद्रनगर राजदरबार में ‘गाडू घड़ा’ के लिए पिरोया गया तिल का तेल, 23 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल):विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया विधि-विधान के साथ शुरू हो गई है। इसी कड़ी में आज टिहरी रियासत के नरेंद्रनगर राजदरबार में भगवान बदरी विशाल के नित्य प्रति महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों का तेल पिरोने की परंपरा निभाई गई। इस पुनीत कार्य में टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह के साथ अन्य सुहागिन महिलाओं ने प्रतिभाग किया।

कठिन साधना और परंपराओं का संगम
भगवान के अभिषेक के लिए प्रयुक्त होने वाले इस विशेष तेल को तैयार करने की प्रक्रिया अत्यंत कठिन और नियमों से बंधी होती है। इसे पिरोने में लगभग 8 से 10 घंटे का समय लगता है। परंपरा के अनुसार, केवल उन्हीं सुहागिन महिलाओं को इस कार्य के लिए चुना जाता है जिन्हें रीतियों का गहरा ज्ञान और अनुभव हो। साथ ही, शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है; जिन परिवारों में सूतक (किसी की मृत्यु) लगा हो, उन महिलाओं को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता है।

शोभायात्रा का मार्ग और कार्यक्रम
राजदरबार में तैयार किए गए इस पवित्र तेल को ‘गाडू घड़ा’ (तेल कलश) में भरा जाएगा। आज शाम को यह पवित्र कलश शोभायात्रा के साथ नरेंद्रनगर से ऋषिकेश के लिए प्रस्थान करेगा।

  • अगला पड़ाव: यह यात्रा बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय (डिमरियों) के मूल ग्राम डिम्मर पहुंचेगी।
  • धाम आगमन: 22 अप्रैल को तेल कलश बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।
  • कपाट उद्घाटन: 23 अप्रैल को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलते ही इस तेल कलश को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा, जिससे भगवान का महाभिषेक संपन्न होगा।

पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित है विरासत
महारानी और सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने बताया कि वह अपने पूर्वजों की सदियों पुरानी परंपरा का पूरी श्रद्धा से निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि राजदरबार की नई पीढ़ी भी इन परंपराओं को सीखने और निभाने के लिए उत्साहित है। इस अवसर पर उनकी नातिनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने कहा कि शिक्षा और परीक्षाओं की व्यस्तता के बावजूद अब वह नियमित रूप से इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनेंगी।

भक्तिमय हुआ वातावरण
तेल पिरोने के दौरान राजदरबार का वातावरण भगवान बदरी विशाल के जयकारों और पारंपरिक भजनों से गुंजायमान रहा। इस तेल कलश यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और जगह-जगह इसके स्वागत की तैयारियां की गई हैं।

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