
चमोली (उत्तराखंड):
उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में हेराफेरी व चोरी का मामला अब बेहद संवेदनशील और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही चमोली पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया है। पुलिस के हाथ लगी इस सामग्री में मंदिर समिति की 18 पन्नों की विस्तृत आंतरिक जांच रिपोर्ट और विभिन्न तिथियों की महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज शामिल हैं।
सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की हुई पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को इस मामले से जुड़े 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुए हैं। इन फुटेजों के गहन विश्लेषण के दौरान कुछ ऐसे लोग कैमरे में कैद पाए गए हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। पुलिस ने इन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान स्थापित कर ली है। अब विशेष जांच दल (SIT) इन सभी चिन्हित लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि इस पूरे घटनाक्रम में उनकी वास्तविक भूमिका का पता लगाया जा सके।
मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के सहयोगियों पर शिकंजा
इस समय पुलिस और एसआईटी की जांच का मुख्य केंद्र बिंदु यह पता लगाना है कि चढ़ावे की इस हेराफेरी में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के अलावा और कौन-कौन से लोग शामिल थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि दान की राशि और अन्य चढ़ावे में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर की गई और इसमें किन-किन लोगों की आपसी मिलीभगत थी।
मामले पर अधिकारियों का रुख
इस जांच के संबंध में बदरीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि पुलिस के पास जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट सुरक्षित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और मामले के प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने भी पुष्टि की है कि मंदिर समिति ने अपनी ओर से की गई 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट सहित तमाम उपलब्ध साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा जांच प्रक्रिया में पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। मंदिर समिति के सीईओ के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद यदि किसी भी अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की इस घोटाले में संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
