बाराबंकी: जिले में भूगर्भ जल को सुधारने के लिए गांवों में तेजी से तालाबों का जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य किया जा रहा है. साथ ही नए नलकूपों का निर्माण, नदियों के किनारे हरियाली की जा रही है. वहीं, पृथ्वी के भू जल स्तर की निरंतर निगरानी के लिए विश्व बैंक के माध्यम से जिले मे 48 पीजो मीटर लगाए गए हैं, जो सभी मोबाइल से लिंक है. इन पीजो मीटर के माध्यम से पृथ्वी के भू जल स्तर के डार्क जोन में जाने की सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी. इससे डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (DWLR) के आंकड़ों के आधार पर विभाग विकास खंडों को अतिदोहित, क्रिटिकल, सेमी क्रिटिकल और सुरक्षित श्रेणी में बांटने के साथ ही उस ब्लाक या क्षेत्र में रिचार्ज की सुविधाएं बढ़ाते हुए दोहन पर रोक लगाएगी. इससे विभाग द्वारा भविष्य में होने वाले पानी संकट को संभालने के लिए प्रभावी योजनाएं भी तैयार होंगी.
बाराबंकी के भूगर्भ जल विभाग के तकनीकी सहायक राजकमल ने बताया कि जिस तरह से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में निरंतर विकास चल रहा है. उसके साथ ही औद्योगिकरण हो रहा है. उससे जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिसको देखते हुए सरकार के निर्देश पर भूगर्भ विभाग के द्वारा डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (DWLR) यानी चिप जिले में लगाए जा रही हैं. अब तक 41 DWLR मीटर जिले में लग चुके हैं. आने वाले वृत्तीय वर्षों में और भी DWLR मीटर लगेंगे. इन मीटरों से जल स्तर का पता लगाया जा सकता है. समय से पहले जमीन के अंदर पानी का क्या अनुपात है उसके बारे में जानकारी इकट्ठा हो जाएगी. साथ ही सरकार की मंशा है कि कहीं किसी भी क्षेत्र में पानी की किल्लत ना हो. इसके लिए भूगर्भ जल विभाग इसमें लगातार तत्पर है.
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