
देहरादून: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। इस प्रवास के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और उनकी सरकार की नीतियों की सराहना की। नवीन ने समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन को एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम करार देते हुए दावा किया कि राज्य में विकास और सुशासन के बल पर साल 2027 में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
समान नागरिक संहिता (UCC) को बताया देश के लिए मील का पत्थर
देहरादून में आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन और विभिन्न संगठनात्मक बैठकों को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया UCC का फैसला अत्यंत ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, “देवभूमि से शुरू हुआ समान नागरिक संहिता का यह संकल्प अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी और साहसिक नेतृत्व को दर्शाता है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा के सुगम संचालन और राज्य में हो रहे ढांचागत विकास की भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है।”
‘मिशन 2027’ के लिए बूथ स्तर पर रणनीति
नवीन ने अपने प्रवास के दौरान पार्टी सांसदों, विधायकों, कोर कमेटी के सदस्यों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ गहन मंथन किया। उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए ‘बूथ विजय मंत्र’ दिया:
- कमजोर बूथों पर विशेष ध्यान: उन्होंने उन सीटों और बूथों पर समर्पित टीमें बनाने के निर्देश दिए जहां पिछले चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था या कम वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सुशासन: उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के संदेश और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाएं।
‘धामी मॉडल’ पर जताया भरोसा
बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने विकास और सुशासन का जो मॉडल पेश किया है, उसे जनता का पूरा समर्थन प्राप्त है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करते हुए कहा कि उनके इस संगठनात्मक दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जो भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाएगा।
