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Chaitra Navratri Ashtami 2025: अष्टमी व्रत 5 या 6 अप्रैल को? जानें सही तिथि, पूजा विधि और कन्या पूजन मुहूर्त

Chaitra Navratri 2025 Maha Ashtami Date & Time: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त उपवास रखते हैं। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महाअष्टमी कहा जाता है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां महागौरी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

इस साल चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ पंचांगों के अनुसार अष्टमी 5 अप्रैल को है, जबकि कुछ इसे 6 अप्रैल को मान रहे हैं। आइए जानते हैं कि महाष्टमी व्रत की सही तिथि, पूजा विधि और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है।


📆 चैत्र नवरात्रि 2025: अष्टमी तिथि और व्रत की सही तारीख

हिंदू पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का आरंभ 4 अप्रैल 2025 को रात 8:12 बजे होगा और यह 5 अप्रैल 2025 को शाम 7:46 बजे समाप्त होगी। इस आधार पर महाष्टमी का व्रत और पूजा 5 अप्रैल 2025 को की जाएगी।

📌 अष्टमी तिथि शुरू: 4 अप्रैल 2025, रात 8:12 बजे
📌 अष्टमी तिथि समाप्त: 5 अप्रैल 2025, शाम 7:46 बजे

इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, मां महागौरी की पूजा करते हैं और कन्या पूजन कर देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।


🌸 महाष्टमी पूजा विधि (Maha Ashtami Puja Vidhi)

  1. स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. मां महागौरी की पूजा: देवी महागौरी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और उन्हें पुष्प, अक्षत, रोली और चंदन अर्पित करें।
  3. मंत्र जाप: मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करें।
  4. हवन (यदि संभव हो): कुछ स्थानों पर महाष्टमी के दिन हवन करने की परंपरा होती है।
  5. कन्या पूजन: 9 कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर विधिपूर्वक पूजन करें और भोजन कराएं।

🌺 कन्या पूजन का महत्व और शुभ मुहूर्त

महाष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा का रूप मानकर पूजित किया जाता है और उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा दी जाती है।

📌 कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त:

  • सुबह: 4:58 AM से 6:07 PM
  • अभिजित मुहूर्त: 11:59 AM से 12:49 PM

अगर किसी कारणवश अष्टमी तिथि को कन्या पूजन नहीं कर पा रहे हैं तो इसे नवमी तिथि (6 अप्रैल) को भी किया जा सकता है।


🌟 महाष्टमी व्रत और पूजा का महत्व

महाष्टमी का व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता प्राप्त होती है। इस दिन मां महागौरी की कृपा पाने के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त नवरात्रि में महाष्टमी का व्रत और कन्या पूजन करता है, उसे देवी दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।


🔹 नवरात्रि के समापन और नवमी तिथि

नवरात्रि का समापन 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी के दिन होगा। नवमी तिथि को भी कई लोग व्रत रखते हैं और देवी सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। नवमी के दिन भी कन्या पूजन किया जाता है।

📌 नवमी तिथि: 5 अप्रैल 2025, रात 7:46 बजे से 6 अप्रैल 2025, शाम 6:34 बजे तक।


🔮 महाष्टमी के दिन करें ये खास उपाय

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए: लाल रंग के फूलों से देवी का पूजन करें।
रोग-नाश के लिए: महागौरी के मंत्र का 108 बार जाप करें।
धन-समृद्धि के लिए: घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और केसर से स्वास्तिक बनाएं।
शत्रु बाधा निवारण: हनुमान चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।


चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी 5 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा, व्रत और कन्या पूजन का विशेष महत्व है। भक्त इस दिन उपवास रखकर देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। पूजा के शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

🙏 जय माता दी! 🙏

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