
गोपेश्वर (चमोली) | उत्तराखंड के चमोली जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध अल्ट्रासाउंड को रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। पीसीपीएनडीटी एक्ट (PCPNDT Act 1994) का उल्लंघन करने पर गोपेश्वर स्थित ‘आरोग्य क्लीनिक फार्मेसी एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर’ को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
प्रशासन की इस औचक कार्रवाई से जिले के अन्य डायग्नोस्टिक और अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।
खबर की खास बातें (Key Highlights):
- बड़ा एक्शन: औचक निरीक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ते देख ‘आरोग्य अल्ट्रासाउंड सेंटर’ को किया गया सील।
- बड़ी लापरवाही: सेंटर पर बिना रेडियोलॉजिस्ट के ही हो रहा था मशीनों का संचालन।
- रिकॉर्ड में गड़बड़ी: जांच टीम को सेंटर के रजिस्टर और कागजातों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं।
- कानूनी कार्रवाई: सक्षम अधिकारी के निर्देश पर सेंटर संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू।
बिना डॉक्टर चल रहा था सेंटर, रिकॉर्ड भी गायब
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरोग्य क्लीनिक फार्मेसी एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर पर औचक छापा मारा। टीम ने जब केंद्र के पंजीकरण प्रमाणपत्र, मशीनों के संचालन और अनिवार्य प्रपत्रों (फॉर्म-एफ आदि) की जांच की, तो रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां सामने आईं। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि मौके पर कोई रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था, जो पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।
‘भ्रूण लिंग परीक्षण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं’
अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद टीम ने तुरंत सेंटर को सील कर दिया। डॉ. अभिषेक गुप्ता ने सख्त लहजे में कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण और लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिले में चल रहे सभी अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक सेंटरों की अब नियमित और कड़ी निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आम जनता से अपील: ‘आप भी रहें सतर्क’
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। सीएमओ ने कहा कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं भी भ्रूण लिंग जांच (Sex Determination) या इससे जुड़ी अवैध गतिविधियों की कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें। शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
निरीक्षण टीम में ये रहे शामिल:
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. वैभव कृष्ण, डीजीसी प्रकाश भंडारी, हिमाद संस्था से उमाशंकर बिष्ट और पीसीपीएनडीटी कोऑर्डिनेटर संदीप कंडारी शामिल थे।
TV10 INDIAइनसाइट:
कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट बनाया गया था। चमोली में प्रशासन की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि लोगों की जान और बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी क्लीनिक या सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा। बिना रेडियोलॉजिस्ट के अल्ट्रासाउंड सेंटर का चलना स्वास्थ्य महकमे के लिए भी चिंता का विषय है।
