देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। तीर्थयात्री किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर 104 नंबर पर कॉल कर सकेंगे। इस बार एसओपी को 12 भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, मणिपुरी, गुजराती, मलयालम, बांग्ला, कन्नड़, मराठी, पंजाबी, उड़िया और तमिल) में तैयार किया गया है, जिससे हर क्षेत्र के श्रद्धालुओं को मदद मिल सके।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार द्वारा जारी एसओपी में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने भौगोलिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा से पूर्व स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सतर्कता के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र भेजकर यात्रा पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण को अनिवार्य करने का आग्रह किया गया है।
डॉ. कुमार ने बताया कि स्क्रीनिंग प्वाइंट, आपातकालीन सेवाएं और हेलीपैड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर तीर्थयात्रियों की सहायता सुनिश्चित की जाएगी। डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलिंडर और आवश्यक दवाइयों की पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य जागरूकता के लिए “क्या करें और क्या न करें” जैसे दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
✔ यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराएं।
✔ कम से कम दो माह पूर्व प्राणायाम, पैदल चलने और हृदय संबंधी व्यायाम शुरू करें।
✔ आवश्यक दवाओं की पर्याप्त मात्रा साथ रखें।
✔ स्वास्थ्य एवं पर्यटन पंजीकरण एप पर अनिवार्य पंजीकरण कराएं।
✔ पर्याप्त जल, संतुलित आहार और हल्के गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
✔ स्क्रीनिंग केंद्र एवं चिकित्सा राहत पोस्ट की सेवाओं का लाभ उठाएं।
✔ हल्के परतों वाले कपड़े, गरम वस्त्र, दस्ताने और ऊनी सामग्री साथ रखें।
राज्य सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे अपने राज्यों के विशेषज्ञ डॉक्टरों (हृदय रोग, अस्थि रोग, सर्जरी आदि) को चारधाम यात्रा मार्ग के अस्पतालों में स्वैच्छिक सेवा के लिए प्रेरित करें। विशेषज्ञों से कम से कम 15 दिनों के लिए सेवाएं देने की अपेक्षा की गई है।
यात्रा के दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल सहित 28 पैरामीटर की जांच के लिए स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यह सभी प्वाइंट रजिस्ट्रेशन प्वाइंट के साथ जोड़े गए हैं ताकि यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों की पूरी स्वास्थ्य जांच हो सके। यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट की संख्या बढ़ाई गई है और वहां पर डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती की जाएगी। यात्रियों की स्वास्थ्य जांच को आसान बनाने के लिए यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे। यहां पर ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल, वजन, लंबाई और शरीर का तापमान मापा जा सकेगा। साथ ही, टेलीमेडिसिन सेवा के तहत 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और दो पीएचसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे, जहां यात्रियों की फ्री हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी।
तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा के दौरान हर एक से दो घंटे में 10 मिनट का विश्राम करें। यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर साथ रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह से ग्रसित यात्री अपनी जरूरी दवाइयां और डॉक्टर का नंबर साथ रखें। यदि यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर या उल्टी महसूस हो तो तुरंत निकटतम मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर जाएं।
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