
खबर की मुख्य बातें (Highlights):
- 17 अप्रैल से शुरू हुए पंजीकरण में अब तक 89,380 श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन।
- होटलों और धर्मशालाओं में हैंड डिवाइस मशीन के जरिए 1073 पंजीकरण हुए।
- ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की ओपीडी में 5301 यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
- शुगर, बीपी और सांस की बीमारी वाले 300 मरीज मिले, 14 गंभीर यात्री रेफर।
ऋषिकेश।
चारधाम यात्रा को लेकर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 21 दिनों के भीतर 89,380 तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराया है। वहीं, यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का भी प्रशासन द्वारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
होटल-धर्मशालाओं में हैंड डिवाइस से रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा प्रशासन के विशेष कार्याधिकारी (OSD) पीपी नौटियाल ने बताया कि ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में 17 अप्रैल को तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की शुरुआत की गई थी। अब तक 21 दिनों में काउंटर और हैंड डिवाइस के माध्यम से 89,380 यात्रियों का पंजीकरण किया जा चुका है। यात्रियों की सुविधा के लिए धर्मशालाओं और होटलों में भी हैंड डिवाइस मशीन भेजी गई, जिससे करीब 1073 तीर्थयात्रियों का वहीं पर आसानी से पंजीकरण कर दिया गया।
21 दिन में 5 हजार से ज्यादा का हेल्थ चेकअप
तीर्थयात्रियों को सफर के दौरान कोई दिक्कत न हो, इसके लिए मेडिकल टीमें भी लगातार काम कर रही हैं। चारधाम यात्रा डिस्पेंसरी के कोऑर्डिनेटर विजय गौड़ ने बताया कि ट्रांजिट कैंप स्थित डिस्पेंसरी में 17 अप्रैल से 7 मई तक करीब 5301 तीर्थयात्रियों ने ओपीडी में अपना हेल्थ चेकअप कराया है। इनमें से 23 अप्रैल से 7 मई के बीच 4005 तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई।
बीपी और शुगर के 300 मरीज मिले, 14 रेफर
यात्रा शुरू होने से लेकर 7 मई तक ट्रांजिट कैंप की ओपीडी में ब्लड प्रेशर (BP), शुगर (डायबिटीज) और सांस संबंधी बीमारियों वाले करीब 300 मरीजों को दवाइयां दी गईं। इनमें से बीपी के 125 और डायबिटीज के 140 मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य जांच के दौरान 14 तीर्थयात्रियों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग दिनों में एसपीएस (SPS) उपजिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।
