
देहरादून। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से बड़ी अपील की है। पीएम नरेंद्र मोदी के विजन का समर्थन करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राष्ट्रहित में ऊर्जा संसाधनों की बचत और विदेशी मुद्रा का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील केवल आर्थिक बचत के लिए नहीं, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पीएम मोदी ने तेलंगाना रैली में दिया था मंत्र
दरअसल, हैदराबाद (तेलंगाना) में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के सुझाव दिए थे। पीएम ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए देशवासियों से कुछ कड़े और जरूरी कदम उठाने का आह्वान किया है। सीएम धामी ने उन्हीं सुझावों को उत्तराखंड में ‘जन आंदोलन’ बनाने की बात कही है।
इन 8 संकल्पों से देश की इकोनॉमी को मिलेगी मजबूती:
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे अपनी दिनचर्या में इन छोटे बदलावों को शामिल करें:
- ईंधन की बचत: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो या कारपूलिंग का उपयोग करें।
- गोल्ड की खरीद टालें: देश की विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कम से कम एक साल तक सोने के आभूषण न खरीदने का संकल्प लें।
- विदेश यात्रा पर रोक: अनावश्यक विदेशी दौरों को फिलहाल स्थगित करें।
- इलेक्ट्रिक वाहन: प्रदूषण और ईंधन की निर्भरता कम करने के लिए ई-व्हीकल्स को प्राथमिकता दें।
- वर्क फ्रॉम होम: जहाँ संभव हो, ऑफिस जाने के बजाय घर से काम (WFH) करें ताकि सड़कों पर ट्रैफिक और तेल की खपत कम हो।
- वोकल फॉर लोकल: विदेशी सामान के बजाय स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।
- प्राकृतिक खेती: खेती में रासायनिक उर्वरकों की जगह प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें।
- संयमित उपभोग: खाद्य तेल का सीमित उपयोग करें और ऊर्जा (बिजली) की बर्यात बर्बादी रोकें।
‘देवभूमि के नागरिक राष्ट्रहित में हमेशा आगे’
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड की जनता राष्ट्रहित के इस आह्वान को गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा, “देवभूमि के नागरिक हमेशा से देश के लिए समर्पित रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प तभी सिद्ध होगा जब हर नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाएगा और संसाधनों की बचत करेगा।”
सीएम ने कहा कि पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करना और छोटे-छोटे संकल्प लेना देश की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा योगदान साबित होगा।
TV10 INDIA इनसाइट: पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थितियों के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल और सोने के आयात में कमी सीधे तौर पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) को मजबूती देती है।
