‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ: CM धामी बोले- जांबाजों ने 22 मिनट में पाक के आतंकी ठिकाने उजाड़े; 4 दिन में घुटने पर आया दुश्मन

देहरादून। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर देहरादून का गढ़ी कैंट इलाका सेना के जयघोष से गूंज उठा। दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘शौर्य और सम्मान’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। सीएम ने सेना के पराक्रम को याद करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सेना इतनी सशक्त है कि दुश्मन अब आंख उठाने की हिम्मत नहीं करता।

मुख्यमंत्री ने इस सैन्य ऑपरेशन की सफलता को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद को चोट पहुंचाई, बल्कि दुनिया को भारत की स्वदेशी मारक क्षमता का परिचय भी दिया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की 3 बड़ी बातें: जो इतिहास बन गईं

मुख्यमंत्री ने उस पराक्रम का ब्योरा देते हुए तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. 22 मिनट का एक्शन: जब देश चैन की नींद सो रहा था, तब भारतीय जांबाजों ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
  2. अभेद्य सुरक्षा कवच: भारत की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली (Air Defense System) इतनी मजबूत रही कि दुश्मन की एक भी मिसाइल भारतीय जमीन को छू नहीं पाई।
  3. 4 दिन में सरेंडर: भारतीय सेना के भीषण प्रहार से घबराकर पाकिस्तान को महज 4 दिनों के भीतर भारत के सामने झुकना पड़ा और युद्धविराम (Ceasefire) के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा।

डिफेंस एक्सपोर्ट में भारत की बादशाहत: 12 साल में 38 गुना बढ़त

सीएम धामी ने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत के आंकड़े पेश किए:

  • ऐतिहासिक उछाल: पिछले 12 वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में 38 गुना की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
  • 80 देशों को सप्लाई: आज भारत दुनिया के 80 से ज्यादा देशों को ‘मेड इन इंडिया’ हथियार और रक्षा उपकरण बेच रहा है।
  • स्वदेशी ताकत: ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि हमारे स्वदेशी हथियार विदेशी तकनीक के मुकाबले कहीं अधिक सटीक और घातक हैं।

उत्तराखंड के सैनिकों के लिए सौगातें: शहीद के परिजनों को 5 गुना मदद

उत्तराखंड को ‘सैन्य धाम’ बताते हुए सीएम ने राज्य सरकार द्वारा सैनिकों के लिए किए गए बड़े फैसलों को गिनाया:

  • अनुग्रह राशि: शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि में 5 गुना तक की वृद्धि की गई है।
  • सरकारी नौकरी: शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जा रही है। आवेदन की समय सीमा को 2 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है।
  • सम्मान निधि: परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक, सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं की सम्मान राशि बढ़ाई गई है।
  • फ्री बस यात्रा: वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह मुफ्त है।
  • स्टाम्प ड्यूटी में छूट: पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% की छूट दी जा रही है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस गरिमामयी कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, और वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल समेत कई सैन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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