
देहरादून, ।उत्तराखंड सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत आज एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्यसेवक सदन में आयोजित एक विशेष समारोह में चार अलग-अलग विभागों में चयनित कुल 276 अभ्यर्थियों को शासकीय सेवा के नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए शासकीय सेवा को जनसेवा के रूप में अपनाने की सलाह दी।
खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- रोजगार की सौगात: 1 जून को आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कुल 276 अभ्यर्थियों को शासकीय सेवा का अंग बनाया गया।
- भर्ती में पारदर्शिता: सीएम धामी ने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं से भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त किया गया है।
- साढ़े चार साल में 33 हजार नियुक्तियां: मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 4.5 वर्षों में राज्य सरकार ने पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर करीब 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।
- परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति: सरकार वादों से ज्यादा परिणाम और घोषणाओं से ज्यादा मैदानी स्तर पर ‘डिलिवरी’ को प्राथमिकता दे रही है।
किस विभाग को मिले कितने नए कार्मिक?
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों के नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे। विभागों का विवरण इस प्रकार है:
- वन विभाग: 109 नवनियुक्त कार्मिक
- महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग: 88 नवनियुक्त कार्मिक
- प्राविधिक शिक्षा विभाग: 65 नवनियुक्त कार्मिक
- नगर और ग्राम नियोजन विभाग (Town & Country Planning): 14 नवनियुक्त कार्मिक
‘नकल विरोधी कानून’ से योग्य युवाओं को मिल रहा हक: सीएम धामी
नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना केवल एक करियर उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति नए दायित्व की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं की शुचिता का उल्लेख करते हुए कहा:
“राज्य सरकार ने भर्ती प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पूर्व की नकल और भ्रष्टाचार से जुड़ी विसंगतियों पर लगाम लगाने के लिए ही देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। इसी का परिणाम है कि आज पूरी तरह से मेरिट के आधार पर बिना किसी भेदभाव के योग्य और कर्मठ युवाओं को उनका हक मिल रहा है।”
विभागों के अनुसार नवचयनितों को मिला मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों में शामिल हो रहे नए कार्मिकों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया:
- वन विभाग के नए सदस्य: प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा और समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएंगे।
- महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग: मातृ एवं शिशु कल्याण से जुड़ी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे।
- प्राविधिक शिक्षा विभाग: तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को आधुनिक समय की मांग के अनुरूप नई दिशा देंगे।
- नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग: राज्य के सुनियोजित शहरी और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करेंगे।
‘विकसित उत्तराखंड’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हो रहा है, निवेश बढ़ रहा है जिससे युवाओं के लिए निरंतर नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नवनियुक्त कार्मिक कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश के विकास में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे।
