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ईरान युद्ध का असर: दून की रसोई तक पहुंची आंच, गैस सिलिंडर के लिए मारामारी; बुकिंग के फोन नंबर भी पड़े ठप

ग्राउंड रिपोर्

  • नया गांव एजेंसी पर 320 को बांटी गैस, 60 से ज्यादा लौटे खाली हाथ
  • जिले में 19 हजार कमर्शियल कनेक्शन, गैस न मिलने से ढाबे-रेस्टोरेंट बंदी की कगार पर

देहरादून | ईरान में चल रहे युद्ध का सीधा असर अब देहरादून (दून) के आम आदमी की रसोई पर पड़ने लगा है। राजधानी में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत हो गई है। प्रशासन भले ही घर बैठे निर्बाध डिलीवरी का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। मोबाइल पर गैस की बुकिंग नहीं हो रही है और एजेंसियों से लेकर गोदामों तक सिलिंडर के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं।

बुकिंग फेल, असमंजस में उपभोक्ता
बुधवार को शहर के कई गैस गोदामों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी गई। लोग दिनभर बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर मिलाते रहे, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हुई। जिनके नंबर पहले से बुक थे, वे भी इस डर से एजेंसी पहुंच गए कि उन्हें गैस मिलेगी या नहीं। लोगों का कहना है कि जब बुकिंग सिस्टम ही काम नहीं कर रहा है, तो उन्हें सिलिंडर कैसे मिलेगा?

चंद घंटों में खत्म हुआ स्टॉक, खाली हाथ लौटे लोग
नया गांव स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह 8 बजे से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। दोपहर बाद तक यहां करीब 320 उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर बांटे जा सके। इसके बाद स्टॉक खत्म होने का बोर्ड लग गया। घंटों लाइन में लगने के बावजूद 60 से ज्यादा लोगों को बिना गैस के ही मायूस लौटना पड़ा। शहर की अन्य एजेंसियों पर भी कमोबेश यही हालात हैं।

रेस्टोरेंट और ढाबों पर ताले लटकने की नौबत
घरेलू गैस की आपूर्ति फिर भी किसी तरह की जा रही है, लेकिन कमर्शियल प्रतिष्ठानों (होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट) की गैस सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है।

  • जिले के आंकड़े: देहरादून जिले में 19 हजार से ज्यादा कमर्शियल गैस कनेक्शन हैं। यहां एक महीने में 40 हजार से ज्यादा कमर्शियल सिलिंडरों की खपत होती है।
  • कारोबार पर संकट: कमर्शियल गैस की आपूर्ति न होने से रेहड़ी-पटरी, छोटे ढाबा संचालकों और बड़े होटलों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है। हालात नहीं सुधरे तो इन प्रतिष्ठानों पर ताले लटकने की नौबत आ जाएगी।

अधिकारी बोले- जानबूझकर बनाया जा रहा किल्लत का माहौल

“जिले में गैस की निरंतर आपूर्ति की जा रही है। कुछ लोग जानबूझकर ऐसा माहौल बना रहे हैं। मेरी उपभोक्ताओं से अपील है कि गैस बुक करके इंतजार करें, एजेंसी घर पर ही सिलिंडर मुहैया कराएगी। गैस की कालाबाजारी करने वालों पर हमारी टीमें सतर्क हैं। अगर कोई ऐसा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।”– केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी (DSO), देहरादून

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