UTTARAKHAND

देहरादून में दिव्यांग हुनर का महाकुंभ: 21 फरवरी से रेंजर्स ग्राउंड में सजेगा ‘दिव्य कला मेला’, जानें क्या होगा खास

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर दिव्यांगजनों के कौशल और सशक्तिकरण का गवाह बनने जा रही है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में आगामी 21 फरवरी से 1 मार्च तक देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में ‘दिव्य कला मेले’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।

राज्यपाल करेंगे मेले का उद्घाटन

इस नौ दिवसीय मेले की नोडल एजेंसी राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NHFDC) है। मेले का आधिकारिक उद्घाटन 22 फरवरी को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों को उनके उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करना है।

16 राज्यों के 100 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल

NHFDC के चीफ जनरल मैनेजर डॉ. विनीत राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार मेले में देश के लगभग 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 100 दिव्यांग उद्यमी और कारीगर हिस्सा लेंगे। मेले में विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • होम डेकोर और लाइफस्टाइल: हस्तशिल्प, घरेलू सजावट का सामान।
  • परिधान और टेक्सटाइल: विभिन्न राज्यों के पारंपरिक वस्त्र।
  • ऑर्गेनिक फूड: पैक्ड ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद और प्राकृतिक सामग्रियां।
  • स्टेशनरी: पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) स्टेशनरी और अन्य सामग्री।

23 करोड़ से अधिक का हो चुका है कारोबार

डॉ. राणा ने बताया कि पिछले 3 वर्षों में देश भर में 29 दिव्य कला मेलों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन मेलों ने न केवल सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा दिया है, बल्कि दिव्यांगों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है। अब तक इन आयोजनों के माध्यम से दिव्यांग उद्यमियों ने 23 करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय किया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और जायके का संगम

दिव्य कला मेला केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा।

  • निःशुल्क प्रवेश: मेला रोजाना सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा और इसमें प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है।
  • सांस्कृतिक संध्या: प्रतिदिन दिव्यांग कलाकारों और जाने-माने कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
  • फूड कोर्ट: मेले में आने वाले लोग देश भर के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और लजीज व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे।

सशक्तिकरण की ओर एक बड़ा कदम

आयोजकों के अनुसार, इस मेले की अवधारणा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। यह आयोजन न केवल उनके हुनर को बाजार तक पहुँचाता है, बल्कि आम लोगों को भी दिव्यांगजनों की असीमित क्षमताओं से परिचित होने का अवसर प्रदान करता है।

Tv10 India

Recent Posts

उत्तराखंड परिवहन निगम: 5800 कर्मियों का 2 महीने का वेतन फंसा, शासन से बजट जारी होने का इंतजार

5800 कर्मचारियों की बढ़ी आर्थिक परेशानी; शासन में अटकी 4.5 करोड़ की प्रतिपूर्ति, यूनियन ने…

10 hours ago

उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के लिए तैयार होगा पर्यावरण एक्शन प्लान; स्थायी कचरा प्रबंधन के लिए केंद्र से बजट की मांग

साल के 12 महीने करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही से नदियां-पहाड़ प्रदूषित; अस्थायी सफाई छोड़ अब…

11 hours ago

उत्तराखंड में मानसून पर भारी आस्था: 125 दिन में 48 लाख श्रद्धालुओं ने किए चारधाम के दर्शन, यमुनोत्री में बना नया रिकॉर्ड

पिछले साल के मुकाबले 5.22 लाख ज्यादा पहुंचे यात्री; बदरीनाथ में सबसे ज्यादा 16.54 लाख…

11 hours ago

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

1 day ago