देहरादून। भीषण गर्मी और लू के चलते उत्तराखंड में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। राज्य में गहराते ऊर्जा संकट से निपटने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने केंद्र सरकार से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग की है। वर्तमान में प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है, जिससे निपटने के लिए मुख्यमंत्री के स्तर से भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में बिजली की दैनिक मांग 5.3 करोड़ यूनिट तक जा पहुंची है, जबकि वर्तमान में केवल 4.5 करोड़ यूनिट बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है। इस 80 लाख यूनिट की कमी को पूरा करना यूपीसीएल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
यूपीसीएल के निदेशक जीएस बुदियाल ने बताया कि बिजली की किल्लत के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारण हैं:
राज्य में बिजली की किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। इसके बाद केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने उत्तराखंड को केंद्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
यूपीसीएल ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से किफायती दरों पर अग्रिम बिजली खरीदने की व्यवस्था की है:
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) से इसके लिए आवश्यक अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता के बाद प्रदेश में घोषित कटौती की नौबत नहीं आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
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