Shattila Ekadashi 2026: एकादशी व्रत सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु को समर्पित है. मान्यता है कि जो सालभर की 24 एकादशी व्रत करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह दिन व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए भी एकादशी व्रत की महत्ता है.
नई दिल्ली/धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार यह पावन तिथि 14 जनवरी, 2026 को पड़ रही है। इस एकादशी का नाम ‘षटतिला’ इसलिए है, क्योंकि इस दिन तिल का छह तरीकों से उपयोग (स्नान, उबटन, तर्पण, दान, भोजन और आहुति) किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, षटतिला एकादशी का व्रत (Shattila Ekadashi 2026) करने से व्यक्ति को सोना दान करने के समान पुण्य फल मिलता है और उसके अनजाने में किए गए पाप भी नष्ट हो जाते हैं।
क्यों खास है षटतिला एकादशी?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह एकादशी न केवल पापों का नाश करती है, बल्कि अटके हुए कार्यों को गति देने के लिए भी श्रेष्ठ मानी गई है। जो लोग लंबे समय से किसी कार्य के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करनी चाहिए।
षटतिला एकादशी 2026 मुहूर्त
माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3.17 पर शुरू होगी और अगले दिन 14 जनवरी को शाम 5.52 पर समाप्त होगी.
इस दिन सुबह घर में सत्यनारायण भगवान की पूजा करना शुभ फलदायी होता है. सुबह 7.15 से 9.53 तक शुभ मुहूर्त है.
षटतिला एकादशी व्रत पारण मुहूर्त 2026
षटतिला एकादसी का व्रत पारण 15 जनवरी को सुबह 7.15 से सुबह 9.21 के बीच किया जाएगा. पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 08:16 है.
इन चीजों का दान करने से बदलेगी किस्मत
इस एकादशी पर ‘दान’ का सबसे अधिक महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान कई जन्मों तक पुण्य फल देता है।
तिल का 6 प्रकार से करें प्रयोग
षटतिला एकादशी के दिन तिल का प्रयोग छह प्रकार से करने का विधान है, जिससे शारीरिक और आत्मिक शुद्धि होती है:
अटके काम पूरे करने का उपाय
यदि आपका कोई काम सरकारी दफ्तर या कोर्ट-कचहरी में अटका है, तो इस एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और उसमें थोड़े से काले तिल डाल दें। ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से कार्यसिद्धि के योग बनते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय जानकारियों पर आधारित है। tv10india.comइसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)
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