क्या आप जानते हैं कि जिस गूगल से आप सभी सवाल का जवाब चाहते हैं, उसका जन्मदिन है? चलिए जानते हैं गूगल के बारे में कुछ फैक्ट्स.
देहरादून। गूगल बाबा की जय हो… हर सवाल का जवाब ढूंढने से पहले हम यही कहते हैं न? अगर आप भी अपने सवालों के लिए गूगल पर निर्भर हैं, तो चलिए आज गूगल के जन्मदिन पर इसके बारे में कुछ फैक्ट्स जान लेते हैं. गूगल हर दिन कुछ नया और दिलचस्प डूडल बनाता है, लेकिन आज गूगल ने खुद के लिए डूडल बनाया है. यह डूडल नॉस्टैलजिया दे रहा है. आज गूगल 27वां जन्मदिन मना रहा है.
बता दें कि गूगल की आधिकारिक स्थापना 27 सितंबर 1998 को हुई थी. स्थापना के अलावा इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई और किसने की? ये हम आपको यहां बता रहे हैं. इससे पहले जानते हैं कि गूगल का नया डूडल.
कैसा है गूगल डूडल:
गूगल ने इस खास दिन को मनाने के लिए कुछ अलग और सिंपल डूडल बनाया है. डूडल नें एक पुराना गूगल दिख रहा है. जैसे ही आप इस पर क्लिक करेंगे तो एक नया पेज ओपन होगा, जिसमें गूगल के जन्मदिन को लेकर कई डिटेल्स मौजूद हैं.
गूगल की शुरुआत कैसे हुई?
बता दें कि गूगल की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी. इसकी शुरुआत दो स्टूडेंट्स सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज ने की. इनकी मुलाकात स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में हुई थी. दोनों ही कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट्स थे. इन्हें इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब के डेवलपमेंट में इंटरेस्ट था. दोनों ने मिलकर एक ऐसा सर्च इंजन बनाने का सोचा, जो दुनियाभर की जानकारी को आसानी से ढूंढ़ सके.
इस विचार से प्रेरित होकर, उन्होंने अपने हॉस्टल के कमरे में इसका पहला प्रोटोटाइप तैयार किया. इसके बाद, गूगल के पहले ऑफिस के रूप में एक छोटे से किराए के गैरेज का इस्तेमाल किया गया. देखा जाए तो गूगल की शुरुआत छोटे पैमाने पर हुई थी. लेकिन समय के साथ इस कंपनी ने बड़ा रूप ले लिया.
क्या है गूगल की फुल फॉर्म:
ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, GOOGLE की फुल फॉर्म, Global Organization of Oriented Group Language of Earth बताई जा रही है.
कैसे पड़ा Google का नाम:
अब आपको एक दिलचस्प बात बताते हैं, गूगल का नाम एक छोटी-सी गलती के चलते पड़ा था. जी हां, ये सच है. बता दें कि इसके को-फाउंडर लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने अपने दोस्त शॉन एंडरसन से एक नाम ढूंढने के लिए कहा. शॉन इसका नाम Googol रखना चाहते थे लेकिन उनसे लिखने में गलती हो गई और उन्होंने Google टाइप कर दिया.
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