
हल्द्वानी/रुद्रपुर: उत्तराखंड को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और एसटीएफ (STF) ने एक शानदार मिसाल पेश की है। पुलिस की मुस्तैदी और स्मार्ट वर्किंग के चलते दो बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। एक तरफ जहां पुलिस ने युवाओं की रगों में जहर घोलने वाली नशे की एक बड़ी खेप को पकड़ा है, तो वहीं दूसरी तरफ दिन-रात एक कर, 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर एक परिवार की जीवन भर की जमापूंजी (लाखों के जेवर और कैश) को सुरक्षित वापस ला दिया है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़
समाज को नशामुक्त बनाने के अभियान में काठगोदाम पुलिस, एएनटीएफ और एसटीएफ कुमाऊं की संयुक्त टीम ने बेहतरीन काम किया है।
- स्मार्ट कार्रवाई: दमुवाढूंगा क्षेत्र में एक ‘डी फैशन बुटीक’ की आड़ में नशे का काला कारोबार चल रहा था। पुलिस ने सटीक सूचना पर दबिश देकर 5 किलो से अधिक अवैध चरस (अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 10 लाख रुपये) बरामद की।
- बचाई जा सकी कई जिंदगियां: यह चरस बागेश्वर से लाकर नैनीताल जिले के युवाओं को सप्लाई की जानी थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल दो तस्कर सलाखों के पीछे पहुंचे हैं, बल्कि कई युवाओं को नशे की गर्त में जाने से बचा लिया गया है।
‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की मिसाल, 20 दिन में सुलझाई लाखों की चोरी
उधम सिंह नगर पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के हाथों से बच नहीं सकते। किच्छा क्षेत्र में 19 अप्रैल को एक बंद मकान में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।
- मेहनत और तकनीक का संगम: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस टीमों ने किच्छा, रुद्रपुर, बहेड़ी, बरेली, रामपुर और सितारगंज क्षेत्रों के लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। यह पुलिस के धैर्य और तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल का प्रमाण है।
- लौटी चेहरे पर मुस्कान: पुलिस की इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि 9 मई को 3 शातिर चोर पकड़े गए। पुलिस ने उनके पास से 389 ग्राम सोना, 3 किलो 417 ग्राम चांदी और 3 लाख रुपये से अधिक का कैश सुरक्षित बरामद कर लिया है। अपना चोरी हुआ माल वापस पाकर पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
जनता के लिए क्या है मैसेज?
पुलिस की ये दोनों कार्रवाइयां आम जनता को यह भरोसा दिलाती हैं कि उनकी सुरक्षा सही हाथों में है। पुलिस हाईटेक तकनीक और जमीनी मुखबिरी दोनों स्तरों पर बेहतरीन काम कर रही है। इससे न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा का माहौल और मजबूत होगा।
