देहरादून/अल्मोड़ा/हरिद्वार। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक ‘हरेला’ (Harela 2026) की आज पूरे प्रदेश में धूम रही। इस पावन अवसर पर प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियानों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम अल्मोड़ा के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इसके अलावा हरिद्वार, चमोली और मसूरी समेत अन्य जनपदों में भी मंत्रियों, अधिकारियों और आम जनता ने मिलकर पौधे लगाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर वृद्ध जागेश्वर और जागेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान जागेश्वर से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में पौधारोपण किया और अल्मोड़ा में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में शिरकत की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति हमेशा से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी रही है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसे पार कर अब तक 10 लाख 80 हजार से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर आगमन के बाद से यहां पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है, जिसके चलते सरकार जागेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान पर तेजी से काम कर रही है।
हरिद्वार में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग के अंतर्गत आने वाले ‘नगर वन’ में किया गया, जहां मियांवाकी वन (Miyawaki Forest) पद्धति विकसित की जा रही है। यहाँ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी, डीएम मयूर दीक्षित और डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने साधु-संतों के साथ मिलकर पौधे लगाए।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का सबसे बड़ा पर्यावरण संदेश देने वाला त्योहार है। इस वन की विशेषता यह है कि यहाँ बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी अपने पूर्वजों या प्रियजनों के नाम पर पौधे लगाते हैं, जिनका संरक्षण वन विभाग द्वारा किया जाता है।
हरिद्वार के जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने रोशनाबाद परिसर में वृहद अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अपने बेटे के साथ फलदार और छायादार पौधा लगाकर इस मुहिम की शुरुआत की। वहीं, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपद के सभी थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों द्वारा पौधारोपण किया गया।
चमोली जिले में भी हरेला पर्व के तहत ‘हर गांव का यही पैगाम, एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पौधारोपण कर इस मुहिम का शुभारंभ किया। इस वर्ष पूरे चमोली जनपद में 85 हजार से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत केवल पौधारोपण ही नहीं बल्कि उनके जीवित रहने और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पहाड़ों की रानी मसूरी के माल रोड पर नगर पालिका परिषद द्वारा विशेष पौधरोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने हिस्सा लिया।
इस बार मसूरी के अभियान की सबसे खास बात यह रही कि केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहकर, प्रत्येक पौधे के साथ उसके ‘संरक्षक’ (Guardian) का नाम अंकित किया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि पौधों की नियमित सिंचाई, देखभाल और सुरक्षा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जा सके और लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।
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