रुद्रपुर/पंतनगर। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (पंतनगर) से पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक कृषि का एक बड़ा संदेश दिया गया. विश्वविद्यालय परिसर में 15 दिवसीय ‘हरित यज्ञ’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया है. इस विशेष अभियान के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने 50 हजार पौधों के रोपण के साथ-साथ उनके दीर्घकालिक संरक्षण का संकल्प लिया है.
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) रहे. उनके साथ मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप भी उपस्थित रहे.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, किसानों और हमारी मातृभूमि के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करने का एक जरिया है.
उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा, “जिस प्रकार इस संस्थान ने देश में पहली हरित क्रांति की नींव रखी थी, अब समय आ गया है कि यही विश्वविद्यालय ‘ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0’ (हरित क्रांति 2.0) का भी नेतृत्व करे.” निश्चित रूप से भविष्य की खेती को तकनीक आधारित, जलवायु अनुकूल और किसान-केंद्रित होना होगा, जिसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस, जल संरक्षण और कार्बन प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है.
राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण और चिपको आंदोलन जैसी ऐतिहासिक पहलों में उत्तराखंड की महिलाओं की अग्रणी भूमिका की भी सराहना की और कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक सहेजना सबसे महत्वपूर्ण है.
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान, नवाचार और किसान-हितैषी तकनीकों को धरातल पर उतारने में सदैव अग्रणी रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ‘हरित यज्ञ’ अभियान को केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसमें स्थानीय जनभागीदारी सुनिश्चित कर इसे एक वास्तविक पर्यावरण आंदोलन का रूप दिया जाएगा. विश्वविद्यालय के सभी प्रभाग और सहयोगी संस्थान मिलकर लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा व सिंचाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.
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