हरिद्वार. धर्मनगरी हरिद्वार में बीती रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है। हालांकि, तेज बारिश के बाद भी शिवभक्त कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। बारिश में भीगते हुए हजारों शिवभक्त कंधों पर कांवड़ उठाए ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं।
दूसरी ओर, पहाड़ों में भारी बारिश और ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर चेतावनी स्तर (293 मीटर) पर पहुंच गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
तेज बारिश के बावजूद हरिद्वार के हाईवे और कांवड़ पटरी पर शिवभक्तों का तांता लगा हुआ है। प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए आंतरिक मार्गों पर उनकी एंट्री बंद कर दी है। कांवड़ियों को केवल तय हाईवे और कांवड़ पटरी से ही गुजारा जा रहा है, जहां वे बारिश के बीच भी पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और लाटोवाली जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा:“जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में निगम कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। लगातार पंप लगाकर जल निकासी कराई जा रही है ताकि कांवड़ियों और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।”
पहाड़ों पर जारी मूसलाधार बारिश और ऊपरी डैमों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी की वजह से भीमगोड़ा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गुरुवार सुबह 9 बजे जलस्तर 292.75 मीटर दर्ज किया गया था, जो दोपहर तक बढ़कर 293 मीटर (चेतावनी निशान) तक पहुंच गया। गंगा के लिए खतरे का निशान 294 मीटर निश्चित है।
यूपी सिंचाई विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया:“ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़ा है और इसमें अभी और बढ़ोतरी की संभावना है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पल-पल की अपडेट आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन को दी जा रही है। तटीय इलाकों के लोगों से गंगा किनारे न जाने की अपील की गई है।”
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सभी बाढ़ चौकियों को एक्टिव कर दिया गया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा:“संबंधित अधिकारियों को गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। आपदा प्रबंधन, सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।”
देहरादून (उत्तराखंड) :मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने बृहस्पतिवार (6 अगस्त) को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों…
नैनीताल (उत्तराखंड) :उत्तराखंड में वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों, राजकीय राजमार्गों और राजस्व भूमि पर हुए…
उत्तरकाशी (उत्तराखंड) :उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त 2025 को आई विनाशकारी आपदा को आज…
हरिद्वार (उत्तराखंड)हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अब…
विपक्षी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा से ध्वनि मत से पारित हुआ…
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के लिए 10 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान जारी…