
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को जिले के प्रभारी व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
इस बैठक में गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा[3] सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेले की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कांवड़ मेला 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु :
- मेला अवधि: 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक
- श्रद्धालुओं का अनुमान: 4 करोड़ से अधिक शिवभक्तों के आने की उम्मीद।
- मेला बजट: व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगभग 21.5 करोड़ रुपये की मांग।
- स्वास्थ्य सुविधा: आपातकालीन स्थिति के लिए गंगा नदी में पहली बार तैनात होगी ‘वाटर एम्बुलेंस’।
- यातायात व्यवस्था: आधे हाईवे पर सुव्यवस्थित ढंग से ‘कांवड़ स्पेशल’ वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू होगा।
4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के लिए बन रहा है 21.5 करोड़ का प्लान
प्रशासन का अनुमान है कि इस बार देश के विभिन्न राज्यों से चार करोड़ से अधिक कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंचेंगे। इतनी बड़ी भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए सरकार से करीब 21.5 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिजली, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा, और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपात स्थिति से निपटने के लिए गंगा में चलेगी ‘वाटर एम्बुलेंस’
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आकस्मिक चिकित्सा आपातकाल से निपटने के लिए गंगा नदी में ‘वाटर एम्बुलेंस’ की व्यवस्था की जाएगी, जिससे तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके। इसके साथ ही, कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती भी की जाएगी।
पहली बार लागू होगा अनोखा ‘हाफ-ट्रैफिक’ प्लान
कांवड़ मेले के दौरान स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से बचाने के लिए परिवहन विभाग नया प्रयोग करने जा रहा है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि इस बार पहली बार आधे हाईवे पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत हाईवे के एक हिस्से को कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिए आरक्षित (खाली) रखा जाएगा, जबकि दूसरे हिस्से पर आने और जाने वाले सामान्य वाहनों को नियंत्रित तरीके से चलाया जाएगा। इससे मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या नहीं होगी और यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकेगी।
