
मुख्य बिंदु (Highlights):
- 3 साल से कोशिश: भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत पिछले तीन सालों से उत्तराखंड में आशियाना बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर गुहार: देर रात ‘एक्स’ (ट्विटर) पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को टैग कर जमीन अधिग्रहण में आ रही अड़चनों को साझा किया।
- मुफ्त या तय रेट पर खरीदारी: पंत ने कहा कि सम्मान में जमीन मिले तो गर्व होगा, वरना वे तय सरकारी दरों (Govt Rate) पर खरीदने को तैयार हैं।
- सीएम का आश्वासन: पुष्कर सिंह धामी ने पंत को ‘उत्तराखंड का गौरव’ बताते हुए अधिकारियों को नियमानुसार मदद के निर्देश दिए।
- सबसे बड़े करदाता: वित्त वर्ष 2025–26 में ₹23.84 करोड़ का इनकम टैक्स चुकाकर पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े इंडिविजुअल टैक्सपेयर बने हैं।
देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब अपने गृह राज्य उत्तराखंड लौटने और अपना पहला घर बनाने की तैयारी में हैं। दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाई है। खास बात यह है कि ऋषभ पंत वित्तीय वर्ष 2025–26 में उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकर दाता (Highest Individual Taxpayer) रहे हैं, फिर भी उन्हें जमीन खरीदने में काफी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है।
3 साल से जमीन की तलाश, प्रक्रिया की जटिलता बनी बाधा
ऋषभ पंत ने देर रात करीब 12:46 बजे एक लंबी पोस्ट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग किया। उन्होंने लिखा कि वे पिछले 3 वर्षों से उत्तराखंड में अपने रहने के अनुकूल एक बड़ी और अच्छी जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि, प्रक्रिया की जटिलताओं और स्पष्टता की कमी के चलते अब तक उन्हें सफलता नहीं मिल सकी है।
पंत ने अपनी राज्य के प्रति निष्ठा जताते हुए लिखा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमेशा उत्तराखंड का नाम रोशन किया है और अब अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहकर राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
‘सरकार उपहार दे तो सम्मान, नहीं तो तय रेट पर खरीदने को तैयार’
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए क्रिकेटर ने लिखा, “यदि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने के सम्मान में सरकार मुझे जमीन उपहार में देती है, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी। लेकिन यदि ऐसा नहीं है, तो भी मैं तय सरकारी दरों पर जमीन खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार हूं, ताकि अपने राज्य में पहला घर बना सकूं।” पंत ने स्वीकार किया कि उन्हें इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का तरीका समझ नहीं आ रहा, इसलिए उन्होंने सीधे सीएम से मदद मांगी है।
सीएम धामी का जवाब: ‘ऋषभ पंत राज्य का गौरव, अधिकारियों को निर्देश जारी’
ऋषभ पंत की इस अपील का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया। सीएम धामी ने कहा कि ऋषभ पंत उत्तराखंड का गौरव हैं और उन्होंने अपने खेल से पूरी दुनिया में देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है।
सीएम धामी ने भरोसा दिलाया कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी जल्द ही पंत से संपर्क करेंगे और नियमानुसार जो भी संभव सहयोग होगा, वे सुनिश्चित करेंगे।
उत्तराखंड के सबसे बड़े इंडिविजुअल टैक्सपेयर हैं ऋषभ पंत
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में ऋषभ पंत उत्तराखंड के शीर्ष व्यक्तिगत आयकरदाता रहे हैं। उन्होंने इस दौरान 23.84 करोड़ रुपये का आयकर (Income Tax) चुकाया है। बीते 24-25 जुलाई को देहरादून में आयोजित आयकर दिवस समारोह में आयकर विभाग की ओर से उन्हें इस टैक्स योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया था।
