देहरादून: मोहब्बेवाला औद्योगिक क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा लिए गए तीन दिन के शटडाउन से उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। शनिवार और रविवार को बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण अधिकांश उद्योग बंद रहे, जिससे न तो उत्पादन हो सका और न ही कर्मचारियों को काम मिल पाया। कारोबार पूरी तरह ठप रहने से उद्योगपतियों में गहरा रोष है।
उद्योगपतियों का आरोप है कि बिजली विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के 10, 11 और 12 जनवरी को शटडाउन घोषित कर दिया। न तो विभाग की ओर से कोई आधिकारिक सूचना दी गई और न ही उद्योग संगठनों से कोई संवाद किया गया। इसके चलते उद्योगों को अचानक बंद करना पड़ा, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ।
इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज तक किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह तीन दिन का शटडाउन नहीं लिया गया। एक दिन के शटडाउन से ही उद्योगों को बड़ा नुकसान होता है, ऐसे में तीन दिन का शटडाउन पूरी तरह अनुचित है।
पंकज गुप्ता ने कहा कि विभाग के अधिकारी भी इस मामले में अनजान बनने का प्रयास कर रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लापरवाही के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा और उच्च अधिकारियों से इस विषय में बात की जाएगी।
उद्योगपतियों के विरोध के बाद बिजली विभाग ने 12 जनवरी को औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित शटडाउन को निरस्त कर दिया है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता मनोज अग्रवाल ने बताया कि शटडाउन का प्रचार विज्ञापन के माध्यम से किया गया था, लेकिन विरोध को देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र को शटडाउन से बाहर रखा गया है। अब अन्य क्षेत्रों में आवश्यक कार्य किए जाएंगे।
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