
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी में लगातार बदल रहे मौसम और घने बादलों के कारण एक हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। बदरीनाथ धाम जा रहे इस हेलीकॉप्टर को उड़ान के दौरान मौसम खराब होने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से ऊखीमठ में उतार दिया।
पूरे घटनाक्रम की 3 बड़ी बातें :
- विजिबिलिटी हुई बेहद कम: दोपहर करीब 2:25 बजे फाटा हेलीपैड से बदरीनाथ के लिए उड़ान भरने के बाद केदारघाटी में अचानक मौसम खराब हो गया।
- सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग: पायलट ने बिना जोखिम उठाए हेलीकॉप्टर को राजकीय इंटर कॉलेज, ऊखीमठ के खेल मैदान में सुरक्षित लैंड कराया।
- फाटा लौटा हेलीकॉप्टर: मैदान पर करीब 40 मिनट तक मौसम ठीक होने का इंतजार किया गया, लेकिन सुधार न होने पर हेलीकॉप्टर वापस फाटा लौट गया।
अचानक बिगड़ा मौसम, पायलट ने लिया सूझबूझ भरा फैसला
जानकारी के मुताबिक, सेंडन कंपनी के हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 2:25 बजे फाटा हेलीपैड से बदरीनाथ धाम के लिए यात्रियों को लेकर उड़ान भरी थी। केदारघाटी क्षेत्र में पहुंचते ही अचानक मौसम खराब होने लगा और घने बादलों की वजह से विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई। प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दी और हेलीकॉप्टर को ऊखीमठ के खेल मैदान में उतारने का निर्णय लिया।
सभी यात्री सुरक्षित, मैदान पर जुटी लोगों की भीड़
जीआईसी (GIC) खेल मैदान में हेलीकॉप्टर के अचानक उतरते ही वहां स्थानीय लोगों और बच्चों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, पायलट और तकनीकी दल ने पूरी स्थिति को बेहद शांत और पेशेवर तरीके से संभाला। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी श्रद्धालु और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे।
मौसम ठीक न होने पर वापस लौटा हेलीकॉप्टर
मैदान पर लगभग 40 मिनट तक मौसम सामान्य होने का इंतजार किया गया। जब मौसम में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो पायलट ने सतर्कता बरतते हुए यात्रा रद्द कर दी और शाम करीब 3:05 बजे हेलीकॉप्टर को सुरक्षित वापस फाटा हेलीपैड पर लैंड करा दिया।
पहाड़ों में चंद मिनटों में बदल जाता है मौसम
विशेषज्ञों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम पल-पल में बदलता है, जिससे हवाई सेवाओं के संचालन में बड़ी चुनौती खड़ी होती है। ऐसे हालातों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना और पायलटों द्वारा समय पर लिए गए निर्णय बड़ी दुर्घटनाओं को टालने में मददगार साबित होते हैं।
गौर हो कि पिछले कुछ दिनों से केदारघाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बादल छाने, बारिश और कम विजिबिलिटी की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन और हवाई सेवा संचालक पूरी तरह सतर्क हैं।
