रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम और आसपास के इलाकों में सोमवार को अचानक मौसम खराब होने से विमान सेवाओं पर असर पड़ा। घने कोहरे और धुंध के कारण दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से दो हेलीकॉप्टरों को एहतियात के तौर पर अगस्त्यमुनि हवाई पट्टी पर आपातकालीन स्थिति में उतारना पड़ा। पायलटों की सूझबूझ से एक बड़ा खतरा टल गया।
खराब विजिबिलिटी बनी चुनौती
जानकारी के अनुसार, सोमवार को हिमालयन हेली सेवा का एक हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से सेरसी की ओर जा रहा था। वहीं, इंडो कॉप्टर कंपनी का दूसरा हेलीकॉप्टर देहरादून के सहस्रधारा से फाटा के लिए उड़ान पर था। जैसे ही दोनों हेलीकॉप्टर गुप्तकाशी और ऊखीमठ क्षेत्र के ऊपर पहुंचे, अचानक घने कोहरे ने उन्हें घेर लिया।
पहाड़ों में उड़ान के दौरान कम दृश्यता बेहद खतरनाक साबित होती है। इसे देखते हुए दोनों पायलटों ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और तुरंत अगस्त्यमुनि मैदान स्थित हेलीपैड पर सुरक्षित लैंडिंग करने का निर्णय लिया।
अधिकारियों का बयान
हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि केदार घाटी में मौसम अचानक खराब हो गया था। यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों हेलीकॉप्टरों की ‘प्रिकॉशनरी लैंडिंग’ (एहतियातन लैंडिंग) कराई गई।
मौसम साफ होने पर भरी उड़ान
राहत की बात यह रही कि कुछ समय बाद जब आसमान साफ हुआ और दृश्यता में सुधार आया, तो दोनों हेलीकॉप्टरों ने अगस्त्यमुनि हेलीपैड से दोबारा उड़ान भरी और सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
बता दें कि इन दिनों केदारनाथ यात्रा अपने चरम पर है और खराब मौसम अक्सर हेली सेवाओं के संचालन में चुनौती पेश करता है। प्रशासन ने सभी पायलटों को खराब मौसम में जोखिम न लेने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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